
जोधपुर. शहर में नए पर्यटन स्थल को विकसित करने के लिए गणेश मंदिर पहाड़ी को चुना गया है। सिद्धनाथ मंदिर पहाड़ी पर रोप-वे प्रोजेक्ट के बाद अब गणेश मंदिर पहाड़ी पर धार्मिक पर्यटन के साथ प्राकृतिक पर्यटन पहाड़ी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जोधपुर विकास प्राधिकरण करीब 1 करोड़ 98 लाख की राशि खर्च करेगा। गणेश मंदिर पहाड़ी के निचले हिस्से में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत कार्य प्रस्तावित है। मंदिर की तलहटी में तालाब का सुदृढ़ीकरण के साथ ही उद्यान विकास भी किया जा रहा है। जेडीए ने यहां सेल्फी पॉइंट लगाया जिसका बेहतरीन रेस्पोंस मिल रहा है। इसी को देखते हुए अब पहाड़ी के ऊपर भी पर्यटन विकास के लिए राशि जारी की गई है।
बदहाल कुंड का होगा विकास
पहाड़ी के ऊपर लम्बे समय से बदहाल और उपेक्षा का शिकार कुंड के विकास का काम जेडीए करेगा। यहां बिहारी संस्कृति के लोगों की ओर से पूजा अर्चना की जाती है। साथ ही आस्था का केन्द्र भी है। कई सालों बाद अब किसी नगरीय निकाय ने इसको संवारने की सुध ली है।
मेडिटेशन केन्द्र आकर्षण
पहाड़ी पर मेडिटेशन केन्द्र और सनराइज केन्द्र पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए तैयार किया जाएगा। यहां स्वास्थ्य से जुड़ी कक्षाएं भी भविष्य में संचालित करने का प्रावधान किया गया है। अब तक मेहरानगढ़ और मसूरिया पहाड़ी पर पर्यटन का लुत्फ लेने वाले शहरवासियों को यह बेहतरीन अवसर मिलेगा।
यह काम हो तो बढ़े पर्यटन
जेडीए ने अब तक जो काम करवाए हैं, उसके अलावा मंदिर के समीप पहाड़ी पर सुरक्षा रैलिंग व मार्केट विकसित करने की मांग लम्बे समय से चल रही हैं। यदि यह विकसित होता है तो कई लोग सुरक्षित रूप से लुत्फ उठा सकेंगे और रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे।
इनका कहना...
आस्था के केन्द्र गणेश मंदिर पहाड़ी पर कई कार्य करवाए जाएंगे। मेडिटेशन पॉइंट व कुंड जीर्णोद्धार काम भी होगा। इस क्षेत्र का कायापलट हो जाएगा।
- डॉ. महेन्द्र राठौड़, अध्यक्ष, जोधपुर विकास प्राधिकरण।