जोधपुर

प्रोफेसर को वापस नौकरी पर लेने पर राजभवन व जेएनवीयू आमने-सामने

दो साल पहले बिना छुट्टी लिए सुखाडिय़ा विवि कर लिया था ज्वॉइन, जेएनवीयू ने राज्य सरकार के पाले में डाली गेंद  
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jnvu dispute with rajbhavan over recruitment of professor
प्रोफेसर को वापस नौकरी पर लेने पर राजभवन व जेएनवीयू आमने-सामने

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की बगैर अनुमति पद छोड़कर उदयपुर के मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में नौकरी ज्वॉइन करने वाले एक प्रोफेसर के मामले में राजभवन व जेएनवीयू आमने सामने हो गए हैं। राजभवन ने जेएनवीयू को दो साल बाद लौटे प्रोफेसर को वापस नौकरी पर लेने को कहा है, जबकि विवि कह रहा है कि प्रोफेसर अब उसके यहां नौकरी में नहीं है। राजभवन से स्पष्टीकरण मांगे जाने पर जेएनवीयू ने मामला राज्य सरकार को भेज दिया है। सुखाडिय़ा विवि में लोकायुक्त जांच के बाद इस प्रोफ़ेसर को टर्मिनेट कर दिया गया था।

जेएनवीयू में यूजीसी की ओर से संचालित मानव संसाधन विकास केंद्र के तत्कालीन निदेशक प्रोफेसर राजेश दुबे ने जून 2018 में विवि की बिना अनुमति सुखाडिय़ा विवि के बायोटैक विभाग में प्रोफेसर पद पर ज्वॉइन कर लिया। विवि से अनुमति नहीं मिलने पर प्रो.दुबे कार्यभार एक ठेका कर्मी को सौंपकर चले गए थे। जेएनवीयू के बार-बार ताकीद के बावजूद वे नहीं लौटे। उदयपुर में मामला उछलने पर राजभवन ने लोकायुक्त जांच करवाई। इसके बाद प्रो. दुबे को सुखाडिय़ा विवि से टर्मिनेट कर दिया गया।

राजभवन ने स्पष्टीकरण मांगा
उदयपुर से टर्मिनेट होने के बाद प्रो.दुबे वापस जेएनवीयू ज्वॉइन के लिए आए, लेकिन उन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन ने नहीं रखा। तब राजभवन ने जेएनवीयू पर प्रो. दुबे को ज्वॉइन करवाने के लिए कथित रूप से दबाव डाला। विवि ने मना कर दिया तो राजभवन ने स्पष्टीकरण मांग लिया। इस पर जेएनवीयू ने नियम कायदों का हवाला दे दिया।

हम नियमानुसार ही काम करेंगे
हमने राज भवन और राज्य सरकार दोनों को अवगत करा दिया है कि प्रो.दुबे हमारे यहां अब नौकरी नहीं करते हैं। हम नियम कायदों से परे जाकर कोई काम नहीं करेंगे।
-प्रो.प्रवीण त्रिवेदी, कुलपति, जेएनवीयू जोधपुर

Published on:
10 May 2020 03:20 pm