
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के इतिहास में 30 साल में पहला मौका है जब सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन के लिए प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। कोरोना लॉकडाउन के छह महीने में अटक-अटक कर पेंशन मिल रही है। वह भी तब जब विवि के पेंशनर्स आधा दर्जन बाद विरोध-प्रदर्शन कर चुके हैं। जेएनवीयू का सालाना बजट करीब 110 करोड़ रुपए है और उसमें पेंशन का हिस्सा करीब 63 करोड़ है। विवि के शिक्षकों व कर्मचारियों की तनख्वाह के लिए सरकार अनुदान देती है, बाजवूद इसके विवि ने पेंशन फण्ड को चौपट कर रखा है।
विवि में 1990 में पेंशन की शुरुआत हुई। वर्तमान में विवि में करीब 1450 पेंशनर्स हैं जिनकी हर महीने की पेंशन करीब 5.25 करोड़ रुपए बनती है। सरकार के आदेशानुसार विवि को स्वयं की आय से पेंशन देनी होती है। 21 मार्च 2017 को राज्य सरकार ने प्रदेश के समस्त विवि को पत्र जारी करके अपनी आय को सबसे पहले पेंशन फण्ड में जमा करने के निर्देश दे रखे हैं, बाजवूद इसके जेएनवीयू में इस साल पेंशन की किल्लत पैदा हो गई है।
मई-जून के बाद अब अगस्त-सितम्बर की पेंशन अटकी
कोरोना लॉकडाउन में विवि की प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षाएं बंद होने की वजह से मई और जून महीने में पेंशनर्स को खाली हाथ रहना पड़ा। 24 जुलाई को इन दो महीनों की पेंशन मिली। इसके बाद जुलाई की पेंशन 24 अगस्त को दी गई। अब अगस्त व सितम्बर की पेंशन बकाया है।
अब विवि में पैसे की कमी नहीं, बजट ही पास नहीं कर रहा विवि
विवि ने वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट अब तक सिण्डीकेट से पास नहीं किया है, जबकि इसके छह महीने निकल चुके हैं। जुलाई महीने में छात्र छात्राओं को प्रमोट करने की प्रक्रिया, स्नातक प्रथम वर्ष में नए प्रवेश, संभाग के 5 जिलों के सम्बद्ध करीब 250 महाविद्यालयों से सम्बद्धता शुल्क, उन महाविद्यालयों के छात्रों से लिया गया विकास शुल्क सहित अन्य आय शुरू हो चुकी है।
पेंशन फण्ड में पैसा नहीं डाल रहा विवि
विवि पेंशन फण्ड में पैसा डालने की बजाय अन्यत्र लगा रहा है। मई-जून की रोकी गई पेंशन पर जब हमने बताया कि विवि के बैंक खातों में 11 करोड़ रुपए पड़े हैं तब जाकर पेंशन मिली। जुलाई-अगस्त में विवि में फण्ड की कमी ही नहीं होती है।
प्रो गंगाराम जाखड़, पूर्व कुलपति (गंगासिंह विवि बीकानेर) व अध्यक्ष, जेएनवीयू पेंशनर्स सोसायटी