जोधपुर

WATCH : कार्यवाहक कुलपति व छात्रसंघ अध्यक्ष भाटी के बीच हुई तीखी तकरार, यहां कर्मचारियों ने की पेन डाउन हड़ताल

कुलपति के कुर्सी पर बैठते ही छात्रों और कर्मचारी नेताओं की कुलपति से तीखी नोक-झोंक शुरू हो गई। कुलपति चौधरी भी आग बबूला हो गए। उन्होंने जेएनवीयू की व्यवस्थाओं पर तंज कसते हुए कहा कि ‘मैं तो कार्यवाहक कुलपति हूं और केवल 4 महीने हुए हैं। मैं कोई समस्याएं साथ लेकर थोड़ी आया हूं।
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jnvu student union president ravindra singh bhati fight with VC
WATCH : कार्यवाहक कुलपति व छात्रसंघ अध्यक्ष भाटी के बीच हुई तीखी तकरार, यहां कर्मचारियों ने की पेन डाउन हड़ताल

जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कर्मचारी मंगलवार को पेन डाऊन हड़ताल कर कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उधर सैकेण्ड ग्रेड टीचर भर्ती की काउंसलिंग चलने की वजह से परीक्षा विभाग में अपनी अंक तालिकाएं और प्रोविजनल डिग्री लेने पहुंच छात्रों को निराशा होने पर छात्रसंघ अध्यक्ष रवींद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में उन्होंने भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दो धरने-प्रदर्शनों को देखकर विवि के कार्यवाहक कुलपति व कृषि विवि मण्डोर के कुलपति प्रो. बीआर चौधरी पुलिस को साथ लेकर ही विवि के केंद्रीय कार्यालय पहुंचे।

कुलपति के कुर्सी पर बैठते ही छात्रों और कर्मचारी नेताओं की कुलपति से तीखी नोक-झोंक शुरू हो गई। कुलपति चौधरी भी आग बबूला हो गए। उन्होंने जेएनवीयू की व्यवस्थाओं पर तंज कसते हुए कहा कि ‘मैं तो कार्यवाहक कुलपति हूं और केवल 4 महीने हुए हैं। मैं कोई समस्याएं साथ लेकर थोड़ी आया हूं। विवि में कभी ठेकाकर्मियों को वेतन नहीं मिलता, तो कभी छात्र हड़ताल करते हैं तो कभी शिक्षक व कर्मचारी सातवां वेतन आयोग को लेकर धरने-ज्ञापन देते हैं। कुलपति की सारी एनर्जी इन फालतू कामों में जा रही है। व्यर्थ ही फाइलें व अन्य समस्याएं निपटानी पड़ रही है, जिसके कारण विवि में पद भरने और पढ़ाई जैसे मूल काम ठप पड़े हैं।’

कुलपति के आवेश में आने पर जेएनवीयू कर्मचारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह चारण और सहायक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष किशनसिंह गुर्जर ने कहा कि वे कुलपति होने के बावजूद विवि में आकर नहीं बैठते हैं और फाइलें कृषि विवि में ही मंगाकर निपटाते हैं। कर्मचारियों ने प्रो. चौधरी को केवल 2 घण्टे प्रतिदिन आकर विवि में बैठने की बात कही तो कुलपति ने कहा ‘वे तो बातें ऐसी कर रहे हैं जैसे मैं पैसे खा गया हूं। मैंने पिछले 6 साल में विवि की चाय नहीं पी है। 15 साल से मेडिकल नहीं उठाया है। विवि और भी हैं, मैंने आज तक ऐसा विवि नहीं देखा। अगर मैं सही काम नहीं कर रहा हूं तो आप सरकार से शिकायत कर दीजिए।’

वित्त एसीएस के आश्वासन पर हटे कर्मचारी
कर्मचारियों ने अपनी तनख्वाह पहली तारीख को खातों में नहीं आने को लेकर मंगलवार से पेन डाऊन हड़ताल की थी। कर्मचारी कुलपति से इसका आश्वासन लेने पर अड़े रहे। कुलपति ने आखिर वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव निरंजन आर्य को फोन मिलाया। फोन पर कुलपति ने आर्य से कहा कि वे उनके भरोसे कर्मचारियों को महीने की पहली तारीख को वेतन मिलने का आश्वासन दे रहे हैं। कुलपति प्रो. चौधरी ने उनसे कहा कि रजिस्ट्रार से जांच रिपोर्ट मिलते ही सरकार को भिजवा देंगे। इसके बाद आर्य ने एक तारीख को तनख्वाह मिलने की बात पर हां भरी।

जेएनवीयू की खुद की गलती, सरकार मुश्किल से दे रही ग्रांट
दरअसल जेएनवीयू प्रशासन ने पिछले साल तीन ठेकाकर्मियों को स्थाई कर दिया, जिसकी मिसाल लेकर अन्य ठेकाकर्मी भी कोर्ट पहुंचे। जेएनवीयू के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने इन ठेकाकर्मियों को अनुभव प्रमाण पत्र भी बांट दिए। न्यायालय ने करीब 150 ठेकाकर्मियों को स्थाई करने का आदेश दिया। भारी भरकम तनख्वाह के बिल वित्त विभाग तक पहुंचने पर सरकार जागी और विवि की ग्रांट रोकने शुरू कर दी। सरकार ने ठेकाकर्मियों को स्थाई करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कार्यवाही कर अवगत कराने के लिए कहा, लेकिन जेएनवीयू प्रशासन ढुलमुल रवैया अपना रहा है।

2 घण्टे तक परीक्षा विभाग में होगा काम
कर्मचारी नेता चारण ने कहा कि अगले चार दिनों तक विवि की एकल खिडक़ी और परीक्षा विभाग में कर्मचारी दो घण्टे तक काम करेंगे, शेष विभागों व कार्यालयों में पेन डाऊन हड़ताल रहेगी। अगर एक दिसम्बर को खातों में वेतन आ जाता है तो हड़ताल समाप्त कर दी जाएगी अन्यथा विवि के 9 दिसम्बर को होने वाले दीक्षांत समारोह का भी बहिष्कार किया जाएगा।

Published on:
27 Nov 2019 01:52 pm