जोधपुर

जेएनवीयू की इस धांधली पर राज्यपाल ने कुलपति समेत रोस्टर कमेटी को किया तलब, जांच में आएगा सच

राज्यपाल ने किया वीसी को तलब, गैर रोस्टर कमेटी सदस्य लेकर पहुंचे वीसी
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Updated: 6 Oct 2017, 5:25 PM IST
Rigging in JNVU roster
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जोधपुर . जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के सामान्य संकाय (कला, विज्ञान, वाणिज्य, विधि) शिक्षक भर्ती के रोस्टर में हुई बैकलॉग पदों की धांधली के बाद राज्यपाल व कुलाधिपति कल्याण सिंह ने कुलपति प्रो. रामपाल सिंह सहित पूरी रोस्टर कमेटी को राजभवन तलब किया, लेकिन वीसी सिण्डीकेट में पारित हुए रोस्टर कमेटी के सदस्यों के स्थान पर एक गैर कमेटी सदस्य को लेकर पहुंचे। कुलाधिपति ने जेएनवीयू का पक्ष सुनने के बाद विवि द्वारा प्रस्तुत रोस्टर को उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दिया। उच्च शिक्षा विभाग इसी सप्ताह रोस्टर की जांच कर उसे अंतिम रूप देगा। उसके बाद ही विवि में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी। कुलाधिपति ने जेएनवीयू में आरक्षण के लिए बनाई रोस्टर कमेटी सदस्यों को मंगलवार को राजभवन बुलाया था।

बैठक में वीसी आरपी सिंह, रोस्टर कमेटी समन्वयक प्रो. रजत भागवत, प्रो. रवि सक्सेना सहित डॉ. गेमराराम परिहार पहुंचे। कल्याण सिंह ने रोस्टर संबंध में की गई शिकायतों को लेकर वीसी से सवाल-जवाब किए। इसके बाद रोस्टर का पुलिंदा वहां बैठे उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया। उच्च शिक्षा विभाग रोस्टर में बताए आरक्षित पदों की जांच कर अंतिम रूप देंगे। इसके बाद ही विवि में सामान्य संकाय के ६४ शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। बैठक में राज्यपाल सचिव देवाशीष पृष्टि, राज्यपाल विशेषाधिकारी डॉ. अजयशंकर पाण्डेय, उच्च शिक्षा निदेशक आशुतोष पेडेकर, कार्मिक विभाग संयुक्त सचिव सुनील शर्मा, उच्च शिक्षा विभाग संयुक्त सचिव जेएस सुमन उपस्थित थे।

डॉ. गेमराराम को ले गए साथ

विवि ने सामान्य संकाय भर्ती के रोस्टर को २३ जून की सिण्डीकेट बैठक में पारित किया था। उस समय रोस्टर कमेटी के ६ सदस्य समन्वयक प्रो. भागवत, प्रो. सक्सेना, डॉ. पूरण कोली, प्रो. पीएम मीणा, प्रो. आरके यादव और प्रो. एस सुंदरामूर्ति थे। लेकिन कुलपति प्रो. सिंह राज्यपाल को रोस्टर का सच बताने के लिए अपने साथ डॉ. गेमराराम को ले गए जो रोस्टर कमेटी के सदस्य ही नहीं थे। बैठक में कुलाधिपति ने पूरी रोस्टर कमेटी को बुलाया था ताकि वह उनके सामने रोस्टर की व्याख्या कर सके, लेकिन राजभवन पहुंची रोस्टर कमेटी में ओबीसी व एसटी का कोई सदस्य नहंी था।

जेएनवीयू पहले भी दे चुका है गच्चा

वर्ष २०१२-१३ में हुई शिक्षक भर्ती के संबंध में जेएनवीयू ने यूजीसी अधिनियम २०१० के तहत बनाए गए अध्यादेश-३१७ में मनमाफिक बदलाव किया था। इस कारस्तानी को राजभवन पकड़ नहीं पाया और संशोधित अध्यादेश पर मुहर लगा दी गई थी। इसके बाद शिक्षक भर्ती घोटाला सामने आया। इस भर्ती में विवि ने विधानसभा, सरकार, एसीबी, राजभवन और न्यायालय को भी गलत तथ्य देकर गुमराह किया था। एसीबी ने कार्रवाई कर कई लोगों की गिरफ्तारियां की और इसकी जांच जारी है।

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