
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में पेंशनरों को पेंशन भुगतान के एकमात्र मुद्दे को लेकर सोमवार को सिंडिकेट की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सदस्यों के साथ घंटे भर तक विचार-विमर्श के बाद तय किया गया कि विश्वविद्यालय सरकार से ही पेंशन के फंड की व्यवस्था करेगा। इसके लिए कुलपति प्रो प्रवीण चंद्र त्रिवेदी स्वयं जयपुर जाकर सरकार से बजट की मांग करेंगे। विश्वविद्यालय के पास छात्र-छात्राओं की फीस सहित अन्य स्त्रोत से आमदनी बंद होने के कारण खजाना खाली पड़ा है।
सिंडिकेट की बैठक में सरकार से पेंशन के लिए बजट मांगने सहित चार विकल्प सामने रखे गए। पहले विकल्प के तौर पर सरकार से अनुदान मांगा जाएगा। सरकार अस्वीकार करती है तो अनुदान को लोन के रूप में मांगा जाएगा। तीसरा विकल्प प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के मध्य पुल बनाकर उनके फंड को लोन के रूप में दिलाने को लेकर है। चौथा विकल्प जेएनवीयू स्वयं की जमीन पर बनाए राज्य सरकार के आईटी केंद्र और विवि की जमीन से नगर निगम द्वारा नाला निकाले जाने पर बनने वाले फंड की मांग कर सकती है जो 100 करोड़ रुपए से ऊपर है।
मितव्ययी नहीं है जेएनवीयू
पिछले महीनों राज्य सरकार ने विवि को 15 करोड़ रुपए की ग्रांट दी थी, लेकिन सातवें वेतन आयोग की वेतन वृद्धि, एरियर और लोन सहित अन्य क्षेत्रों में अत्यधिक खर्चे के कारण अब विश्वविद्यालय का खजाना खाली पड़ा है।
2 महीने से नहीं मिली पेंशन
विवि के पास पैसे नहीं होने से विवि के सेवानिवृत्त शिक्षकों और कार्मिकों को मई व जून महीने महीने की पेंशन नहीं मिली है। इसको लेकर पेंशनर्स कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं।