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जोधपुर आयुर्वेद विवि मामला: असिस्टेंट प्रोफेसर की गिरफ्तारी के बाद अब प्रिंसिपल पर कार्रवाई, 4 छात्राओं ने दिए चैट स्क्रीनशॉट

जोधपुर आयुर्वेद विश्वविद्यालय में छात्राओं से कथित यौन उत्पीड़न मामले में जांच रिपोर्ट तैयार हो गई है। चार छात्राओं ने चैट स्क्रीनशॉट दिए और 30 विद्यार्थियों के बयान दर्ज हुए। अब आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर का पंजीकरण रद्द कराने और प्रिंसिपल पर कार्रवाई की तैयारी है।
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Oct 14, 2026
jodhpur ayurved university
मामले में अब प्रिंसिपल परल भी होगी कार्रवाई (Photo- Ai Generated/ Patrika)

जोधपुर. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस कॉलेज में छात्राओं से दुर्व्यवहार के मामले में जांच कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। कमेटी के समक्ष 30 विद्यार्थियों ने बयान दर्ज कराए, जबकि चार छात्राओं ने मोबाइल चैट के स्क्रीनशॉट पेश किए। जांच में यूटीबी असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत सिंह चारण की ओर से कथित तौर पर अश्लील बातचीत करने और परीक्षा में फेल करने की धमकी देने संबंधी शिकायतों के साक्ष्य मिले हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन अब जांच रिपोर्ट इंडियन मेडिसिन बोर्ड को भेजेगा, ताकि आरोपी का पंजीकरण रद्द कराने की कार्रवाई की जा सके। वहीं, मामले में प्रिंसिपल डॉ. चंद्रभान शर्मा के खिलाफ कोई सीधी शिकायत नहीं मिली, लेकिन पर्यवेक्षण में लापरवाही सामने आने के बाद उन्हें पद से हटाने पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में उन्हें हटाकर आयुर्वेद फैकल्टी के किसी प्रोफेसर को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी है।

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश भेजने का आरोप

छात्राओं ने शिकायत में आरोप लगाया था कि असिस्टेंट प्रोफेसर व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक संदेश भेजकर परेशान करता था। आरोप है कि वह निजी संबंध बनाने का दबाव डालता और बात नहीं मानने पर परीक्षा में फेल करने की धमकी देता था। 4 छात्राओं ने अपनी शिकायत के समर्थन में चैट के स्क्रीनशॉट भी विश्वविद्यालय प्रशासन को दिए थे।

मामले में एक छात्रा की ओर से एफआईआर दर्ज कराने के बाद करवड़ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद 10 अक्टूबर को विश्वविद्यालय प्रशासन ने डॉ. चारण को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई।

कुलगुरु ने किया कॉलेजों का निरीक्षण

इस मामले के बाद कुलगुरु प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल ने नेचुरोपैथी, होम्योपैथी, बीएससी नर्सिंग और आयुर्वेद कॉलेजों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद किया। नेचुरोपैथी कॉलेज में ‘कुलगुरु संवाद’ बॉक्स लगाया गया है। विद्यार्थी इसमें अपनी शिकायतें डाल सकेंगे। कुलगुरु तीन दिन बाद स्वयं बॉक्स खोलकर शिकायतें देखेंगे। अन्य कॉलेजों में भी ऐसे बॉक्स लगाने की योजना है।

इसके अलावा, नेचुरोपैथी कॉलेज में कुछ छात्राओं के लिए महिला शिक्षकों को मेंटर नियुक्त किया गया है, ताकि वे अपनी समस्याएं साझा कर सकें। विश्वविद्यालय प्रशासन मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और संबंधित प्राधिकरण के निर्णय के आधार पर करेगा।

Updated on:
14 Oct 2026 10:38 am
Published on:
14 Oct 2026 10:38 am