
हर्षवर्धनसिंह/जोधपुर. कहते हैं सपने उम्र के मोहताज नहीं होते और इस बात को शहर की ब्यूटी क्वीन डॉ कल्पना तोमर ने सच कर दिखाया है। जिस उम्र में लोग यह बहाना बनाकर अपने लक्ष्य से पीछे हट जाते हैं कि अब कुछ नहीं हो सकता। वहीं कल्पना ने अपने हौसलों को एक नया आसमान दिया है। वीपीआर मिसेज इंडिया में टॉप 5 में जगह बनाने के साथ मिसेज मोस्ट ब्यूटीफुल स्माइल व बेस्ट परफॉर्मेंस सहित फिट एंड ग्लैम प्रतिस्पर्धा में विजेता रहीं कल्पना आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। राजमाता स्कूल में शिक्षिका कल्पना जॉब व परिवार के साथ अपने सपनों को परवाज दे रही हैं।
डॉ कल्पना ने बताया कि बचपन से ही उन्हें मॉडलिंग का शौक रहा है लेकिन जल्द विवाह होने और परिवार की जिम्मेदारियों के चलते वह अपने इस शौक को समय नहीं दे पाईं। भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन उनके पति एके तोमर ने बच्चों के बड़े होने पर शौक को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही बेटियों ने भी उन्हें आगे बढऩे में सहायता की। पिछले साल से ही उन्होंने ब्यूटी पेजेंट्स की तैयारियां की और दो खिताब अपने नाम किए। एयरफोर्स के शोज में वह मिसेज बिकानेर का खिताब भी जीत चुकी हैं।
पॉजीटिव रहकर बढ़ें आगे
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली मिसेज दीवा के लिए तैयारी कर रही डॉ तोमर ने बताया कि वह राजस्थान की क्लासिक विनर हैं और इस प्रतिस्पर्धा राज्य की ओर से भाग लेंगी। डॉ सोनल परिहार के निर्देशन में तैयारियों में जुटीं तोमर का मानना है कि महिलाएं यदि सकारात्मक रहें तो वह अपने परिवार के साथ अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं। मॉडलिंग के क्षेत्र के बारे में उन्होंने कहा कि इसके लिए अनुशासन जरूरी है। संतुलित आहार और व्यायाम के साथ अपने लक्ष्य के प्रति पॉजीटिव रहना आवश्यक है। उन्होंने जेएनवीयू से हिंदी विषय में पीएचडी की हुई है। वह कविताएं लिखने के साथ अभिनय में भी सक्रिय हैं।