
जोधपुर। बिलाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत भावी में सरपंच चुनाव के दौरान 150 बैलेट पेपर चोरी होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बिलाड़ा थाना पुलिस ने मामले में नामजद दो मतदान अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मतदान अधिकारी जगदीश सारण और सहायक मतदान अधिकारी सहीराम बिश्नोई के रूप में हुई है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। उधर, गांव में पहले से बनी तनावपूर्ण स्थिति के बीच पुलिस-प्रशासन अलर्ट है।
दरअसल, 30 अक्टूबर को भावी ग्राम पंचायत में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान चल रहा था। इसी दौरान मतदान केंद्र संख्या 12 से करीब 150 बैलेट पेपर चोरी होने का मामला सामने आया था। घटना की जानकारी मिलते ही मतदान केंद्र पर हंगामा शुरू हो गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण विरोध में धरने पर बैठ गए। इससे मतदान प्रक्रिया बाधित हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए रिटर्निंग अधिकारी की ओर से बिलाड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें मतदान अधिकारी जगदीश सारण, सहायक मतदान अधिकारी सहीराम बिश्नोई सहित तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था।
इस मामले में सामने आया था कि मतदान केंद्र से चोरी किए गए 150 बैलेट पेपर में से 149 कुछ समय बाद वापस मतदान केंद्र पर रख दिए गए थे। इन मतपत्रों पर सरपंच प्रत्याशी सोहनी देवी के नाम और चुनाव चिह्न पर मुहर लगी हुई थी। एक बैलेट पेपर का अब तक पता नहीं चल पाया है। इस घटना ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
बिलाड़ा थाना पुलिस ने जांच के बाद दो मतदान अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर आलोक रंजन ने निर्वाचन कार्य में लापरवाही और शिथिलता बरतने के आरोप में जगदीश सारण और सहीराम बिश्नोई को निलंबित कर दिया था। वहीं, सहायक मतदान अधिकारी मुकेश, भींयाराम और देवाराम को राजस्थान सिविल सेवा नियमों के तहत चार्जशीट दी गई थी। अब पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच और अन्य आरोपियों की भूमिका पर नजर है।
बैलेट पेपर चोरी मामले में कार्रवाई के विरोध में शनिवार रात बड़ी संख्या में ग्रामीण बिलाड़ा थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे। छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सुनील चौधरी की अगुवाई में हुए प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई। पुलिस की ओर से सुनील चौधरी को हिरासत में लेने के बाद भीड़ ने थाने पर पथराव कर दिया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
बैलेट पेपर चोरी के कारण भावी ग्राम पंचायत का सरपंच चुनाव निरस्त कर 2 नवंबर को पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए नई पोलिंग पार्टी भी तैयार कर दी गई थी, लेकिन बिलाड़ा थाने पर हुए घटनाक्रम और तनावपूर्ण हालात को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने पुनर्मतदान स्थगित कर दिया। अब नई तारीख घोषित होने का इंतजार है।