
Jodhpur Chemical Factory Blast: जोधपुर के बासनी थाना क्षेत्र स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान हुए ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे छह दमकलकर्मियों को गुरुवार को जयपुर रेफर किया गया। सभी घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। महात्मा गांधी अस्पताल (एमजीएच) की बर्न यूनिट से छह अलग-अलग एंबुलेंस के जरिए उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल के लिए रवाना किया गया। घायलों को जल्द से जल्द जयपुर पहुंचाने के लिए रास्ते में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
सभी एंबुलेंस में नर्सिंग स्टॉफ के साथ जरूरी जीवन रक्षक उपकरण भी लगाए गए, ताकि रास्ते में घायलों के उपचार में किसी तरह की परेशानी न हो। घायलों के साथ उनके परिजन भी जयपुर रवाना हुए। इस दौरान शहर विधायक अतुल भंसाली और भाजपा के पूर्व महापौर प्रत्याशी प्रसन्नचंद मेहता भी अस्पताल परिसर में मौजूद रहे।
एमजीएच के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि जयपुर भेजे गए छह दमकलकर्मी 60 से 95 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं। इनमें तीन मरीज वेंटिलेटर पर हैं। गंभीर हालत को देखते हुए सभी को बेहतर उपचार के लिए एसएमएस अस्पताल जयपुर रेफर किया गया है।
जयपुर भेजे गए घायल दमकलकर्मियों में जोगाराम, अविनाश, प्रेम तंबोली, मोहम्मद हनीफ, आसिफ खान और प्रकाश शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन ने एंबुलेंस में मेडिकल टीम और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए हैं, जिससे रास्ते में भी मरीजों की निगरानी और उपचार जारी रह सके।
अस्पताल अधीक्षक के अनुसार, हादसे के बाद कुल 14 दमकलकर्मी उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से एक को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 13 घायलों का एमजीएच में इलाज शुरू किया गया। इनमें से छह को गंभीर हालत में अब जयपुर भेजा गया है।
जयपुर रेफर किए गए छह मरीजों में तीन वेंटिलेटर पर हैं। वहीं जोधपुर के एमजीएच में भर्ती सात अन्य मरीजों में भी तीन वेंटिलेटर पर हैं और उनकी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। बाकी चार घायलों में से दो करीब 50 प्रतिशत तक झुलसे हैं।
हादसे के बाद अस्पताल परिसर में घायलों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई दमकलकर्मियों के परिजन अपने छोटे बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचे। जयपुर रेफर किए गए घायलों के परिजन भी एंबुलेंस के साथ रवाना हुए। अधिकांश घायल दमकलकर्मियों की उम्र 22 से 30 वर्ष के बीच बताई गई है।
डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि गंभीर रूप से झुलसे मरीजों में संक्रमण का खतरा काफी अधिक रहता है। इसी वजह से अस्पताल प्रशासन ने घायलों से मिलने के लिए लोगों की संख्या सीमित रखने की सलाह दी है। हालांकि, गुरुवार को अस्पताल में परिजनों के अलावा कुछ जनप्रतिनिधि भी वार्ड तक पहुंचे। अस्पताल प्रशासन की ओर से संक्रमण से बचाव को लेकर सावधानी बरतने की अपील की गई है।
बासनी स्थित केमिकल फैक्ट्री में बुधवार देर शाम आग लगी थी। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने में जुटे थे। बताया जा रहा है कि जब आग लगभग बुझ चुकी थी, उसी दौरान केमिकल से भरे एक ड्रम में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। ब्लास्ट के बाद आग फिर भड़क उठी और मौके पर मौजूद दमकलकर्मी इसकी चपेट में आ गए।
हादसे के बाद घायल दमकलकर्मियों को पहले एम्स और इसके बाद महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया था। गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारियों का बर्न यूनिट में उपचार किया गया।
हादसे के मामले में बासनी थाना पुलिस ने फैक्ट्री संचालक के बेटे स्पर्श अग्रवाल को हिरासत में लिया है। थानाधिकारी नितिन दवे के अनुसार, नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी जलज घसिया की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, रिपोर्ट में फैक्ट्री में बिना लाइसेंस के केमिकल का भंडारण करने और अवैध तरीके से फैक्ट्री संचालित करने के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा फैक्ट्री में फायर एनओसी नहीं होने और आवश्यक अग्निशमन उपकरण उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने इस मामले में विस्फोटक नियम, 2008 और पेट्रोलियम एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्री संचालक राजेंद्र अग्रवाल के मौके पर नहीं मिलने के बाद पुलिस ने उनके बेटे को हिरासत में लिया है।