
जोधपुर. नोवेल कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राजस्थान ऐपेडेमिक एक्ट की धारा 2 के तहत जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने मंगलवार को डीआरडीए हॉल में बैठक आयोजित कर विभिन्न 8 सेल गठित की। सभी सेल के संपूर्ण कार्यकलापों का पर्यवेक्षण के लिए एडीएम प्रथम मदनलाल नेहरा उत्तरदायी होंगे।
1. चिकित्सा सुविधा समन्वय सेल - कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए आवश्यक चिकित्सकीय संसाधनों का आंकलन कर खरीद, आवाप्ति या विभाग को मांग भिजवाई जाएगी। जोधपुर स्थित सप्लायर्स का सर्वेक्षण कर, राजस्थान एपेडेमिक एक्ट तथा ईसी एक्ट के तहत आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी।
2. स्क्रीनिंग सेल - एयरपोर्ट, रेल्वे स्टेशन, बस स्टेण्ड, हॉटल, पेइंग गेस्ट आदि रिहायशी सुविधाओ व पर्यटकों की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर संदिग्धों की पहचान के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगी।
3. सर्विलांस सेल - संदिग्ध अथवा पोजिटिव केस सामने आते ही समस्त आवश्यक अधिकारियों, उपक्रमों को सूचित करते हुए सरकार द्वारा निर्धारित किए गए प्रोटोकोल की पालना सुनिश्चित की जाएगी।
4. सामाजिक अलगाव सेल - आमजन में व्यापक जागरूकता फैलाने व अफवाहों को रोकने के लिए प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रोनिक मीडिया, सोशल मीडिया, रेडियो, एफएम आदि माध्यम का उपयोग किया जाएगा।
5. सर्तकता सेल - जन समूह वाले स्थलों जैसे जिम, क्लब, मॉल, रेस्टोरेंट्स, शिक्षण संस्थान के विषय में सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी व विभिन्न आदेशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगाी।
6. सार्वजनिक स्थल हाइजिन सेल - बस स्टैण्ड, रेल्वे स्टेशन, एटीएम, हॉटेल, रेस्टोरेंट, सार्वजनिक परिवहन के साधनों, ओपन जिम, सार्वजनिक व निजी उपक्रमों के कार्यालयों सहित नियमित जनसमूह वाले स्थानों की हाइजिन प्रोटोकॉल सुनिश्चित करेंगे।
7. प्रशिक्षण शाखा - संदिग्ध व पोजीटिव केस सामने आने के बाद आवश्यक सर्वेक्षण तथा मास स्क्रीनिंग के लिए दलों का गठन व प्रशिक्षण, संदिग्ध व पोजिटिव केसेज की चिकित्सा व परिचर्या के लिए नर्सिंग व अन्य सहायक चिकित्सकीय स्टाफ का प्रशिक्षण करवाया जाएगा
8. कंन्ट्रोम रूम एवं सूचना संग्रहण सेल - विभिन्न स्त्रोतों, मीडिया, टेलिफोन कॉल पर प्राप्त महत्वपूर्ण सूचना संबंधित अधिकारियों की जानकारी में लाई जाएगी।