
जोधपुर. मैं और मेरी पत्नी जब तुर्की से मुंबई होते हुए ट्रेन से जोधपुर पहुंचे तो कई दिनों तक हमारी थकान नहीं उतरी। ऐसा लग रहा था कि सफर की थकान है। एक दिन भतीजा अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने जाता है और दूसरे दिन उसको पॉजिटिव करार दे दिया जाता है। इसी हिस्ट्री के मध्य मुझे और मेरी पत्नी को भी जांच कराने पर कोरोना संक्रमण पाया जाता है। मेरा कहना है कि जीवन में अगर कोई समस्या आए तो पॉजिटिव रहना चाहिए। ये कहना है जोधपुर में प्रथम कोरोना संक्रमित आए मरीज के चाचा का। अब मरीज व उसकी पत्नी और भतीजे की रिपोर्ट भी गुरुवार को जांच में नेगेटिव मिली।
मरीज ने जानकारी शेयर करते हुए कहा कि रामनवमी के दिन उन्हें अच्छी खबर मिली है। अस्पताल में सभी डॉक्टर्स व अन्य स्टाफ ने समर्पण भाव के साथ सेवा की है। यहां सेवा में कोई कमी नहीं रखी गई है। मरीज ने बताया कि वे यहां गत दस दिनों में 40 से 50 लीटर गर्म पानी पी चुके हैं। जिसने एक औषधी के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा अन्य दवा भी ली। वे सभी को संदेश देना चाहते है कि सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें और स्वयं का ख्याल रखें। उन्होंने कहा कि अंदेशा है कि तुर्की में हुए शादी समारोह में ही संक्रमण आया है। वहां से लौटने वाले सभी रिश्तेदारों में थकान जैसी समस्या आई है।