
जयपुर में ट्रांसफार्मर में विस्फोट की घटना के बाद जोधपुर में ट्रांसफार्मर्स की बदहाली को लेकर अब डिस्कॉम की नींद उड़ी है। डिस्कॉम ने शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में लगे 60 बड़े ट्रांसफार्मर को चिह्नित किया है, जिनकी तारबंदी की जाएगी। यह काम अगले सप्ताह शुरू कर दिया जाएगा। तारबंदी का काम पूरा होने से ट्रांसफार्मर की सुरक्षा बढ़ेगी।
जयपुर हादसे के बाद राजस्थान पत्रिका के 2 नवम्बर के अंक में जोधपुर शहर के ट्रांसफार्मर की हालत पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। इसमें शहर के विभिन्न इलाकों में लगे ट्रांसफार्मर की स्थिति व बिना तारबंदी के हालातों और खतरों के बारे में बताया। इस पर डिस्कॉम ने कार्रवाई करते हुए शहर के तीनों एक्सईएन को अपने-अपने क्षेत्र में 20-20 ऐसे ट्रांसफार्मर चिह्नित करने के निर्देश दिए, जो भीड़-भाड़ व मुख्य बाजार में लगे हुए है और उनकी तारबंदी नहीं है। इस पर शहर के विभिन्न इलाकों में 60 ट्रांसफार्मर चिह्नित किए गए हैं। अब इनकी तारबंदी की जाएगी। तारबंदी का काम अगले सोमवार से ही शुरू कर दिया जाएगा।
पिलर बॉक्स के गेट भी लगेंगे
शहर में ट्रांसफार्मर के नीचे लगे पिलर बॉक्स के टूटे दरवाजे भी लगाए जाएंगे, ताकि करंट का खतरा न हो। इन पिलर बॉक्स के दरवाजे टूट गए हैं और चोर ले गए हैं। इस कारण अब ट्रांसफार्मर की तारबंदी के साथ यह काम भी किया जाएगा।
शीघ्र शुरू होगा काम
शहर के विभिन्न इलाकों में लगे 60 बड़े ट्रांसफार्मर की तारबंदी का काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। पिलर बॉक्स के गेट भी लगेंगे। करंट से हादसे न हो, इसके लिए डिस्कॉम गंभीर है। - जेके सोनी, एसई सिटी, जोधपुर डिस्कॉम।
डरावना सच, करंट से जा चुकी हैं 445 जानें
जोधपुर डिस्कॉम में करंट आमजन व डिस्कॉम कर्मचारियों के लिए जान का दुश्मन बन रहा है। पिछले पांच साल के आंकड़ों को देखें तो तस्वीर डरावनी है। जोधपुर डिस्कॉम के दस जिलों में गत पांच सालों में करंट से साढ़े सात सौ हादसे हुए। इनमें से 445 जनों की मौत हो गई, जबकि 300 झुलस गए। इनमें से कई अपंग हो गए। करंट को लेकर अब खौफ बढ़ रहा है। जोधपुर शहर में खुले पड़े ट्रांसफार्मर हादसे का सबब बने हुए हैं। डिस्कॉम का कहना है कि इस बारे में उसने नगर निगम को लिखकर ट्रांसफार्मर के पास कचरा पात्र रखने व लोगों को कचरा डालने के लिए रोकने के लिए कहा है। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं मिला।