- मानसून में दोगुना तक बढ़ जाते हैं 'फॉल्ट'
- डिस्कॉम के छह जिलों के लिए एक फॉल्ट डिटेक्टर
जोधपुर. जैसलमेर के रेतीले धोरों से लेकर गुजरात बॉर्डर से सटे आबू तक बिजली के अंडरग्राउंड सिस्टम में खामी आती है तो घंटों इंतजार के सिवाय कोई चारा नहीं। इसका कारण है जोधपुर डिस्कॉम के छह जिलों में अंडरग्राउंड फॉल्ट ढूंढने की एक ही मशीन होना। डिस्कॉम ने सिर पर मंडराते करंट के खतरे को दूर करने के लिए करीब तीन वर्ष पहले सभी 10 जिलों के शहरों का आधा बिजली सिस्टम अंडरग्राउंड कर दिया। सिस्टम में आने वाली खामी को पकडऩे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जोधपुर मुख्यालय पर एक मशीन रहती है, जो जरूरत पडऩे पर सिरोही जिले से लेकर जैसलमेर तक जाती है।
दो जोन में एक मशीन
डिस्कॉम के जोधपुर और बाड़मेर जोन के बीच मात्र एक फाल्ट डिटेक्टर मशीन है। जोधपुर जोन में जोधपुर शहर और ग्रामीण के साथ पाली और सिरोही जिले हैं। बाड़मेर जोन में बाड़मेर के साथ जालोर और जैसलमेर भी हैं। इन जिलों में अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट का पता लगाने को एक एक ही मशीन है।
कई जगह नहीं हटाई ओवरहैड लाइन
फॉल्ट डिटेक्टर उपलब्ध नहीं होने और घंटों तक बिजली बंद न रहे इसलिए डिस्कॉम ने कई जगह ओवरहेड लाइन ही नहीं हटाई। मानसून में फॉल्ट आने पर ओवरहैड लाइनों से सप्लाई सुचारू करते हैं।
खुदाई करना ही विकल्प
फॉल्ट डिटेक्टर उपलब्ध नहीं होने पर डिस्कॉम कर्मचारियों के पास खुदाई का ही विकल्प बचता है। इसमें कई बार पूरा दिन भी लग जाता है, जबकि फॉल्ट डिटेक्टर मशीन चंद मिनटों में फॉल्ट का लोकेशन बता सकती है।
दो गुना शिकायतें
बारिश में बिजली संबंधित शिकायतें दो गुना तक बढ़ जाती है। एक दिन में डिस्कॉम कंट्रोल रूम को करीब 3 हजार तक शिकायतें मिलती हैं। सोमवार को हुई बारिश में जोधपुर जिले में 20 जगह बिजली लाइन फॉल्ट हो गई।
इनका कहना...
हमारे पास जोधपुर मुख्यालय पर ही अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट डिटेक्टर है। जोन में जहां भी जरूरत होती है, इसका ही उपयोग करते हैं।
अविनाश सिंघवी, मुख्य अभियंता (जोन जोधपुर) जोधपुर डिस्कॉम
हमने मशीन की मांग लम्बे समय से कर रखी है। अब तक नहीं मिली। जरूरत होने पर जोधपुर से मंगवानी पड़ती है। ऐसे में फॉल्ट दुरुस्त करने में समय लगता है।
गोपाराम सीरवी, मुख्य अभियंता (जोन बाड़मेर) जोधपुर डिस्कॉम