
अविनाश केवलिया/जोधपुर. केन्द्र सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री कृषि ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महा अभियान (कुसुम योजना) जिस उत्साह के साथ शुरू की गई, उतना बड़ा फायदा धरतीपुत्रों को मिलता नहीं दिख रहा। इसका सीमित दायरा जोधपुर डिस्कॉम के 10 जिलों में अभी सिर्फ 600 किसानों को ही फायदा देगा। डिस्कॉम ने इसके लिए टैंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्या है योजना
कुसुम योजना में 7.5 हॉर्स पावर तक की मोटर लगे किसानों को ही फायदा देने का प्रावधान में। इसमें 15 किलोवाट तक की क्षमता के सोलर सिस्टम लगेंगे। जिसमें 30 प्रतिशत केन्द्र सरकार, 30 प्रतिशत राज्य सरकार, 30 प्रतिशत नाबार्ड से ऋण एवं 10 प्रतिशत किसान स्वयं व्यय करेगा।
क्यों हैं सीमित दायरा
इस योजना में ऐसे किसान ही शामिल किए गए हैं जो कि 7.5 एचपी तक की क्षमता की मोटर का खेती में उपयोग करते हैं। ऐसे में जोधपुर डिस्कॉम के 10 जिलों में इस श्रेणी में महज 600 किसान ही शामिल हो रहे हैं।
बिजली का विकल्प कर रहे तैयार
पारम्परिक बिजली सोर्स का विकल्प तैयार करने के लिए यह योजना लागू की गई है। करीब 7 वर्ष से कृषि कनेक्शन पेंडिंग हैं। हर बार राज्य सरकार बैकलॉग के आधार पर नए कृषि कनेक्शन जारी करती है। ऐसे में उम्मीद थी कि इस योजना में किसानों को रिन्यूएबल एनर्जी के रूप में नया विकल्प मिलेगा। लेकिन क्षमता कम होने के कारण नाममात्र के किसान ही इसमें जुड़ पाएंगे।
इनका कहना...
कुसुम योजना के लिए टैंडर प्रक्रिया अपना रहे हैं। 7.5 एचपी क्षमता तक की मोटर क्षमता वाले किसान इसमें शामिल किए जाएंगे।
- अविनाश सिंघवी, एमडी, जोधपुर डिस्कॉम