जोधपुर

प्लास्टिक का मिला विकल्प, जोधपुर पहला शहर जो अपनाएगा बायो-डिग्रेडेबल कैरी बैग

- 150 किलो कैरी बैग निगम ने जनता में बांटने के लिए मंगवाए  
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Dec 22, 2019
प्लास्टिक का मिला विकल्प, जोधपुर पहला शहर जो अपनाएगा बायो-डिग्रेडेबल कैरी बैग
प्लास्टिक का मिला विकल्प, जोधपुर पहला शहर जो अपनाएगा बायो-डिग्रेडेबल कैरी बैग

जोधपुर.

सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन कैरी बैग के बहिष्कार की मुहिम पूरे देश में सकारात्मक तरीके चल रही है। लेकिन इस बीच इस बात की भी चर्चा रही कि प्लास्टिक का विकल्प क्या होगा। प्रदेश में जोधपुर पहला शहर होगा जो कि प्लास्टिक कैरी बैग का विकल्प यानि बायो डिगे्रडेबल कैरी बैग का उपयोग करेगा। नगर निगम ने प्रयोग के तौर पर ऐसे 150 किलो कैरी बैग मंगवाए हैं जो कि जोधपुर की जनता में वितरित होंगे।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में नवाचार के लिए अलग से अंक निर्धारित है। साथ ही प्लास्टिक मुक्त शहर के लिए निकायों ने क्या प्रयास किए इसके लिए भी नम्बर मिलेंगे। इसी को देखते हुए नगर निगम जोधपुर ने प्लास्टिक मुक्ति के लिए यह बायो डिग्रेडेबल कैरी बैग मंगवाए हैं। प्रदेश में पहला शहर व निकाय है जिसने प्लास्टिक का इस प्रकार का विकल्प दिया है। यह कैरी बैग दिखने में बिल्कुल प्लास्टिक की तरह ही है। लेकिन इसके निर्माण में जो मेटेरियल उपयोग में लिया गया है वह पूर्णत: कम्पोस्ट हो सकता है। इसीलिए यह पर्यावरण के लिए घातक नहीं है।

सेलुलोस व स्टार्च का मेटेरियल
नगर निगम आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि इस बायो डिग्रेडेबल कैरी बैग के निर्माण में सेलुलोस व स्टार्च मेटेरियल का उपयोग किया गया है। जो कि कुछ ही दिनों में पूरी तरह से कम्पोस्ट हो जाते हैं। जिससे कि पर्यावरण के लिए घातक नहीं होता। इन कैरी बैग को केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भी जांच करने के बाद प्रमाणित किया है।

150 किलो जनता में बांटेंगे

फिलहाल प्रयोग के तौर पर 150 किलो बायो डिग्रेडेबल कैरी बैग जनता में बांटे जाएंगे। इस मेटेरियल पर सबसे पहले थाइलैंड के वैज्ञानिकों ने रिसर्च की थी। इसके बाद दमन ने इसे अपनाया। निगम अधिकारियों ने फिलहाल दमन से इसे इम्पोर्ट किया है। स्वच्छता सर्वेक्षण में इस नवाचार के 100 अंक है।

-सचिन मौर्य, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम, जोधपुर

Published on:
22 Dec 2019 08:32 pm