
- हाथीराम ओडा प्लास्टिक गोदाम आग मामला
जोधपुर . शहर के हाथीराम का ओडा क्षेत्र में प्लास्टिक गोदाम में शुक्रवार दोपहर में मलबे में फिर धुआं उठने से लोग दहशत में आ गए। गोदाम के आसपास रहने वालों की सूचना पर पहुंची दमकल ने पानी छिड़क धुएं पर काबू पाने की कोशिश की जा रही हैं। एक बार फिर आग लगने से आसपास के लोग सहम गए है। लोगों का कहना हैं कि गोदाम में आग लगने के बाद बिल्डिंग धराशायी हो गई और तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने से कई जगह प्लास्टिक का सामान दबा पड़ा रह गया। इस वजह से दोबारा आग लगी है। गोदाम में आग लगने से आस-पास के कई मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो कर ढह गई है। इससे प्रभावित कई परिवार अपना आशियाना खाली कर अन्यत्र जा चुके हैं। अब स्थानीय लोग मलबा शीघ्र हटाने पर अड़े हैं। क्योंकि मलबा पड़ा रहने की वजह से बार बार आग लग रही है।
यह है मामला
तीन मंजिला प्लास्टिक गोदाम में आग, 20 दमकल के 100 फेरों बाद पाया काबू
- हाथीराम का ओडा में अवैध रूप से चल रहा था गोदाम, सोमवार सुबह 5.30 बजे लगी आग 10 घंटे बाद आई काबू में
- मौके पर बुलानी पड़ी सेना, आसपास के इलाके को कराया खाली
शहर में फतेहसागर रोड स्थित हाथीराम का ओडा इलाके में सोमवार सुबह एक प्लास्टिक सामान के गोदाम में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि लपटें आसपास के कई घरों तक भी पहुंच गई। हालात पर काबू पाने के लिए मौके पर सेना बुलानी पड़ी। नगर निगम के अग्निशमन दल, एसडीआरएफ व सिविल डिफेंस के जवान दिनभर राहत कार्य में जुटे रहे। करीब 10 घंटे बाद शाम तक आग काबू में तो आ गई, लेकिन पूरी तरह से बुझी नहीं। शाम तक गोदाम के अलग-अलग इलाकों से धुआं उठता रहा। आग से भवन का एक तरफ का हिस्सा भी ढह गया।हाथीराम का ओडा क्षेत्र में गोविंद माली ने रिहायशी इलाके में अपने मकान में प्लास्टिक आइटम का बड़ा गोदाम बना रखा था। जिसमें लिफ्ट भी लगी हुई थी। उसमें बड़े-बड़े हॉल सहित करीब 50 कमरे बने हुए थे। पूरे गोदाम में प्लास्टिक का सामान भरा हुआ था। सुबह करीब साढ़े पांच बजे यहां से अचानक धुआं उठने लगा। आसपास के लोगों ने तुरंत गोदाम मालिक को सूचना दी। गोदाम मालिक अपने कुछ कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचा और अंदर लगे नल से पानी डालने लगा। कुछ ही देर में पूरा गोदाम आग की लपटों से घिर गया तो वे लोग बाहर आ गए और दमकल को सूचना दी। नगर निगम की चार दमकलें एक साथ मौके पर पहुंची और आग बु़झाने के प्रयास शुरू किए। आग लगातार बढ़ती जा रही थी। निगम से 10 दमकलें और मौके पर बुलानी पड़ी। जब सुबह आठ बजे तक भी आग काबू में नहीं आई तो सेना व एसडीआरएफ को मौके पर बुलाया गया। निगम, रीको व सेना की 20 दमकलें मौके पर पहुंची। इन दमकलों ने 100 से ज्यादा फेरे लगाकर आग पर काबू पाया।