जोधपुर

नशे के दलदल में बच्चों को देख परिजन बहा रहे आंसू, पुलिस व चिकित्सकों की टीम स्मैक छोड़ने को कर रही प्रोत्साहित

- नशे के दलदल में जोधपुर, बेटे छोड़ रहे स्मैक का धुआं- होगी मेडिकल जांच
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Jan 30, 2020
Jodhpur in the swamp of drugs
Jodhpur in the swamp of drugs


जोधपुर. स्मैक के नशे की गिरफ्त में आए युवकों की बुधवार से ऑपरेशन क्रैक डाउन-डी अभियान के तहत काउंसलिंग शुरू की गई। पुलिस स्टेशन प्रतापनगर में स्मैक के आदी नौ लोगों को परिजन की मौजूदगी में नशा छोडऩे के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान कुछ परिजन के आंसू निकल आए और उन्होंने बच्चों को नशे के दलदल से बाहर निकालने का आग्रह किया।

शहर में दो हजार से अधिक युवा व अन्य स्मैक के आदी हैं। इन्हें स्मैक से छूटकारा दिलाने के लिए गठित विशेष टीम में पुलिस व चिकित्सक शामिल हैं। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रीति चन्द्रा, वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ नगेन्द्र शर्मा, मथुरादास माथुर अस्पताल के सहायक आचार्य डॉ सुरेन्द्र प्रजापत, सहायक पुलिस आयुक्त (प्रतापनगर) नीरज शर्मा व थानाधिकारी अमित सिहाग ने स्मैक की लत से घिरे नौ युवकों व परिजन से बात कर पूरी जानकारी ली। साथ ही स्मैक छोडऩे के लिए प्रेरित भी किया।

मेडिकल जांच के बाद नशा छोडऩे का इलाज
काउंसलिंग के बाद सभी नौ जने स्मैक छोडऩे के लिए तैयार हो गए। इनकी संभवत: गुरुवार को मथुरादास माथुर अस्पताल में मेडिकल जांच की जाएगी। उसके बाद अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू कराया जाएगा।

परिजन ने रोते हुए बयां की व्यथा
काउंसलिंग के दौरान कुछ परिजन पुत्रों की व्यथा सुनाते-सुनाते रोने तक लग गए। उन्होंने कहा कि स्मैक की लत से घिरे पुत्रों को देखना अत्यंत पीड़ादायी है। स्मैक छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केन्द्र में भर्ती कराया। वहां से लौटने के बाद फिर नशेड़ी मित्रों संगत में आकर स्मैक शुरू कर दी। इन्हें घर से बाहर निकलने व रुपए देना बंद कर दिया, लेकिन किसी अन्य काम के बहाने रुपए लेकर बाहर जाते और स्मैक का धुआं उड़ा देते थे।

Published on:
30 Jan 2020 02:56 pm