
जोधपुर. सरकार बदलते ही जिले में नैतिकता के आधार पर पहला इस्तीफा जेडीए चेयरमैन प्रो. महेन्द्र राठौड़ ने दिया है। तीन दिन पहले उन्होंने अपना इस्तीफा भेजा था। जयपुर में आलाकमान से मिलने के बाद शनिवार से पुन: जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद पर सेवाएं शुरू कर दीं। उन्होंने इस्तीफा देने के बाद प्रेस से बातचीत में कहा कि उन्होंने जेडीए का कर्जा उतारा और अब 40 करोड़ जमा छोड़ कर जा रहे हैं।
राठौड़ ने अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 7 जुलाई 2016 को कार्यभार संभाला था। अपने कार्यकाल की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि पिछले बोर्ड के अधूरे कार्य जैसे वीर दुर्गादास राठौड़ फ्लाइओवर व वीर तेजाजी ओवरब्रिज सहित अन्य काम पूरे किए। गणेश मंदिर में काम शुरू करवाए। मास्टर प्लान के तहत पहला सेक्टर मास्टर प्लान पूरा किया।
600 करोड़ का कर्जा उतारा, 40 करोड़ जमा
उन्होंने कहा कि जब जेडीए में चेयरमैन का कार्यभार संभाला था तो करीब 600 करोड़ का कर्जा था। सवा दो साल के कार्यकाल में यह कर्जा उतारा और कई काम भी करवाए। साथ ही अब 40 करोड़ रुपए जमा के रूप में छोड़ कर जा रहे हैं।
जोधपुर के विकास को नई उड़ान मिलेगी
राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बधाई दी। कहा, इससे जोधपुर के विकास को नई उड़ान मिलेगी। अपील की कि आने वाली सरकार उनके कार्यकाल में शुरू हुए काम जैसे भैरोसिंह शेखावत ओवरब्रिज व रोप वे और कन्वेंशन सेंटर पूरे किए जाएं।