
जोधपुर में वकील और कुड़ी भगतासनी एसएचओ हमीर भाटी के बीच हुए विवाद के तूल पकड़ने के बाद हाईकोर्ट ने अपना रूख साफ कर दिया और इस मामले में स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए एसएचओ और थाना स्टाफ के खिलाफ सख्त एक्शन लिया। कमिश्नर की खिंचाई कर दी कि वे थाना स्टाफ और पूरे पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्क्रील ट्रेनिंग यानी बोलने का शिष्टाचार सिखाएं। पूरा मामला दुष्कर्म केस की पीडिता के बयान को लेकर हुआ था। वकील भगत सिंह राठौड़ और एसएचओ हमीर भाटी के बीच हुआ यह विवाद चर्चा का विषय रहा।
विवाद के बाद धरने-प्रदर्शन हुए और पुलिस स्टाफ के खिलाफ वकीलों ने मोर्चा खोल दिया। नतीजा ये रहा कि कोर्ट की दखल के बाद एसएचओ और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया। इस मामले की अगली सुनवाई भी रखी गई है। वकील पक्ष इसे बड़ी जीत मान रहे हैं। बताया जा रहा है कि पूरा विवाद वर्दी पहनने को लेकर हुआ था।
उधर इस पूरे घटनाक्रम के बाद एसएचओ हमीर भाटी पक्ष की ओर से वैसे तो कोई बयान नहीं आया है, लेकिन कई पुलिसकर्मियों के फोन स्टेटस पर हमीर भाटी की फोटो और उस पर लिखा मैसेज वायरल हो रहा है। उस पर लिखा है कि स्वाभिमानी हमीर हठ… क्या हार में, क्या जीत में, किंचित में भयभीत नहीं… कर्तव्य पथ पर जो भी मिला, वह भी सही, ये भी सही….। एसएचओ की फोटो के साथ यह मैसेज मंगलवार को पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि हमीर भाटी या पुलिस पक्ष की ओर से कोई बयान नहीं आया।