जोधपुर

महापौर खुद भी देना चाहते हैं सफाई कर्मचारी के झूठे शपथ मामले में बयान

नगर निगम में सफाई कर्मचारी के रूप में लगे रवि प्रकाश बारासा द्वारा झूठा शपथ पत्र देकर नियुक्ति मामले की जांच में उनके स्वयं के बयान लेने को लेकर यूओ नोट जारी किया है। महापौर घनश्याम ओझा ने लिखा कि जांच के दौरान उनके स्वयं के बयान लिए जाएं।
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jodhpur mayor ghanshyam ojha filed complaint against employee
महापौर खुद भी देना चाहते हैं सफाई कर्मचारी के झूठे शपथ मामले में बयान

जोधपुर. नगर निगम में सफाई कर्मचारी के रूप में लगे रवि प्रकाश बारासा द्वारा झूठा शपथ पत्र देकर नियुक्ति मामले की जांच में उनके स्वयं के बयान लेने को लेकर यूओ नोट जारी किया है। महापौर घनश्याम ओझा ने लिखा कि जांच के दौरान उनके स्वयं के बयान लिए जाएं। बारासा की नियुक्ति के संबंध में पत्रावली उनके पास भी आई थी, इसलिए जांच कमेटी जांच के दौरान उनके भी बयान आवश्यक रूप से लिए जाएं। बारासा की माताजी सज्जन देवी ने भी झूठा शपथ पत्र दायर कर सफाई कर्मचारी के रूप में नियुक्ति ली थी। जांच कमेटी को सज्जन देवी की नियुक्ति के संबंध में भी जांच करने संबंधी आदेश जारी करने के लिए कहा है। गौरतलब है कि इस मामले में बारासा को पहले ही एपीओ किया जा चुका है।

जिला कलक्टर ने किया मंडोर उद्यान का निरीक्षण
राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से गत 18 अक्टूबर को राज्य सरकार को मंडोर गार्डन के विकास, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की समन्वित योजना पेश करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत देने के बाद जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने सोमवार को मंडोर उद्यान का निरीक्षण किया। उनके साथ नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जेडीए के अधिकारी थे। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी। गौरतलब है कि ऐतिहासिक मंडोर उद्यान के कायाकल्प को लेकर राज्य सरकार ने 13 करोड़ रुपए की योजना मंज़ूर की थी। हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी को मण्डोर में कराए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा पेश करने के निर्देश दिए थे। लेकिन पीडब्ल्यूडी की ओर से पेश रूपरेखा को हाईकोर्ट ने कामचलाऊ बताते हुए वापस लौटा दिया था।

Updated on:
22 Oct 2019 12:28 pm
Published on:
22 Oct 2019 12:28 pm