
Jodhpur Nagar Nigam Re-Poll : जोधपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 50 के बूथ संख्या 338 पर बुधवार को पुनर्मतदान होगा। गुरुवार को प्रातः 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) जोधपुर आलोक रंजन ने बताया कि उपखण्ड अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट, जोधपुर उत्तर संजय गोयल को 15 एवं 16 सितंबर को मतदान केन्द्र क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एरिया मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया हैं।
रिटर्निंग अधिकारी, नगर निगम जोधपुर रामकिशोर मीना ने बताया कि बूथ संख्या 338 पर बुधवार सुबह 7 से सायं 6 बजे तक राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय (सेक्टर-7), कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड (दायां भाग) में पुनर्मतदान होगा। गौरतलब है कि निगम चुनाव की सोमवार को हुई मतगणना में वार्ड संख्या 50 के बूथ नंबर 338 की ईवीएम में तकनीकी खराबी आ गई थी। इस कारण वार्ड का परिणाम जारी नहीं हो सका था।
जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों के रिजल्ट में 99 के नतीजे आ गए हैं। कांग्रेस ने 44 वार्डों और भाजपा ने भी 44 वार्डों में जीत दर्ज की है। इस चुनाव में निर्दलीयों ने भी जबरदस्त टक्कर दी और 11 सीटों पर जीत हासिल कर ली।
वहीं जोधपुर के अतिरिक्त राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत जयपुर, कोटा एवं सुकेत में मतदान केंद्रों पर हुई मतगणना के दौरान कुछ बूथों की ईवीएम में तकनीकी खराबी पाए जाने के कारण पुनर्मतदान कराने के निर्देश दिए हैं।
आयोग के अनुसार, नगर निगम जयपुर के वार्ड संख्या 09 के बूथ संख्या 111, वार्ड संख्या 18 के बूथ संख्या 235, वार्ड संख्या 25 के बूथ संख्या 343, वार्ड संख्या 34 के बूथ संख्या 477 एवं 484, नगर निगम कोटा के वार्ड संख्या 87 के बूथ संख्या 99, वार्ड संख्या 44 के बूथ संख्या 448, वार्ड संख्या 11 के बूथ संख्या 576 तथा नगरपालिका सुकेत के वार्ड संख्या 04 के बूथ संख्या 05 पर पुनर्मतदान कराया जाएगा।
आयोग के निर्देशानुसार इन मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पुनर्मतदान कराया जाएगा। पुनर्मतदान की मतगणना 17 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से निर्धारित स्थान पर की जाएगी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मतदान के लिए अधिकृत मतदाता ही मतदान के पात्र होंगे। मूल मतदान के दौरान मतदाता की हाथ की अंगुली पर लगाई गई स्याही के निशान की उपेक्षा की जाएगी। पुनर्मतदान में मतदाता की बाएं हाथ की मध्यमा पर अमिट स्याही का निशान इस प्रकार लगाया जाएगा कि वह नाखून के प्रारंभिक भाग से अंगुली के प्रथम भाग तक चमड़ी पर फैल जाए।