
विजेता रिया भाटी। फोटो- पत्रिका
मथानिया। नगर पालिका मथानिया चुनाव 2026 में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए 25 में से 16 वार्डों में जीत दर्ज की है। भारतीय जनता पार्टी को 7 वार्डों में सफलता मिली, जबकि 2 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी अपना खाता नहीं खोल सकी। परिणाम जारी होने के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने खुशी जताई और उन्हें माला पहनाकर बधाई दी। मतगणना स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे।
वार्ड संख्या 7 का परिणाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। यहां भाजपा प्रत्याशी बेबी देवी और कांग्रेस प्रत्याशी रिया भाटी को 221-221 मत मिले। दोनों प्रत्याशियों को बराबर मत मिलने के कारण किसी एक को सीधे विजेता घोषित नहीं किया जा सका। रिटर्निंग अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि दोनों प्रत्याशियों को समान मत मिलने के बाद नियमानुसार लॉटरी की प्रक्रिया अपनाई गई।
दोनों प्रत्याशियों को बुलाकर उनकी मौजूदगी और सहमति में उनके नाम की पर्चियां तैयार की गईं। लॉटरी में रिया भाटी का नाम निकलने पर उन्हें विजेता घोषित किया गया। बराबर मत आने के कारण वार्ड 7 की मतगणना प्रक्रिया करीब ढाई घंटे तक रुकी रही। इस दौरान प्रत्याशियों और समर्थकों में परिणाम को लेकर उत्सुकता बनी रही। लॉटरी में रिया भाटी के नाम की पर्ची निकलने के बाद कांग्रेस समर्थकों ने खुशी जताई।
वार्ड संख्या 6 का चुनाव भी विशेष रूप से चर्चा में रहा। नामांकन के दौरान सियासी विवाद के बाद ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया था। वे रातभर धरने पर बैठी रहीं। मतगणना में वार्ड 6 से कांग्रेस प्रत्याशी राजेन्द्र टाक ने भाजपा प्रत्याशी संजय परिहार को आठ मतों से हराया। राजेन्द्र टाक को 226 और संजय परिहार को 218 मत मिले।
चुनाव में सबसे बड़ी जीत वार्ड संख्या 22 में दर्ज हुई। कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद इलियास ने भाजपा प्रत्याशी इसाक को 548 मतों के अंतर से हराया। वहीं, सबसे करीबी मुकाबला वार्ड संख्या 12 में रहा। यहां भाजपा प्रत्याशी सूर्य प्रकाश ने कांग्रेस प्रत्याशी कांता को केवल 3 मतों से हराकर जीत दर्ज की। मथानिया नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस की जीत के पीछे ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा की सक्रियता को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में सक्रियता दिखाई और क्षेत्र में पार्टी के लिए प्रचार किया। इसका लाभ कांग्रेस को मिला। दूसरी ओर, भाजपा को मंडल स्तर पर चल रही आंतरिक कलह और टिकट वितरण को लेकर हुई नाराजगी का नुकसान उठाना पड़ा। चुनाव परिणाम के बाद स्थानीय स्तर पर भाजपा के प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। कुल मिलाकर मथानिया नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस ने 16 वार्ड जीतकर बोर्ड बनाने की स्थिति मजबूत कर ली है। भाजपा को 7 और निर्दलीयों को 2 वार्डों में जीत मिली। वार्ड 7 में बराबर मतों के बाद लॉटरी से तय हुआ परिणाम इस चुनाव का सबसे चर्चित घटनाक्रम रहा।
Updated on:
14 Sept 2026 07:39 pm
Published on:
14 Sept 2026 05:28 pm
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