Jodhpur News: किशन सिंह और गिरधर सिंह दोनों भाई हैं। इन्होंने मिलकर गडरिया गैंग बनाई थी। पहले गिरधर सिंह गिरफ्तार हुआ, इसके बाद किशन सिंह ने सरेंडर किया।
Jodhpur News: जोधपुर में गडरिया गैंग के सरगना ने मंगलवार को बोरूंदा थाने में सरेंडर कर दिया है। दरअसल गडरिया गैंग की जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत थी। ये गैंग अवैध वसूली का काम करती थी। पुलिस लगातार इसके ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। ऐसे आखिरकार सरगना किशन सिंह ने आज आत्मसमर्पण कर ही दिया। ग्रामीण एसपी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। आरोपी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। किशन सिंह पर 25 हजार का इनाम था।
गौरतलब है कि बीते 10 जुलाई को जोधपुर ग्रामीण की बोरूंदा थाना पुलिस ने अवैध वसूली के लिए एक जने को जान से मारने की धमकियां देने के पांच हजार रुपए के इनामी हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया था। आरोपी गडरिया गैंग से जुड़ा था और किशन सिंह का भाई था। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया था कि बोरूंदा थानान्तर्गत रावनियाना गांव निवासी जबराराम पटेल ने गत 25 मई को गडरिया गैंग के गिरधर सिंह व उसके भाई किशन सिंह के खिलाफ अवैध वसूली के लिए जान से मारने की धमकियां देने का मामला दर्ज कराया था।
इसके बाद से दोनों आरोपी फरार हो गए थे। इन पर इनाम घोषित किया गया था। इस बीच गिरधरसिंह के घर होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने गांव में मकान पर दबिश दी और घेराबंदी कर मूलत: रावनियाना गांव हाल न्यू बीजेएस कॉलोनी निवासी गिरधर सिंह 40 पुत्र सुमेर सिंह को गिरफ्तार किया। वह महामंदिर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में तीन दर्जन से अधिक एफआइआर दर्ज हैं।