जोधपुर

‘पति संग घूमने आई हूं’ निर्दलीय महिला पार्षद का वीडियो वायरल; अस्पताल में भर्ती ससुर ने लगाए गंभीर आरोप

पाबुपूरा से नवनिर्वाचित पार्षद निर्मला नायक के बेटी सहित गायब होने के मामले में परस्पर विवाद बना हुआ है। महिला पार्षद व पति ने वीडियो जारी कर पति व बेटी के साथ घूमने जाने का दावा किया।
2 min read
Sep 18, 2026
Nirmala Nayak Video Viral
​​पति और बेटी के साथ निर्दलीय महिला पार्षद व इनसेट में ससुर। फोटो: पत्रिका

जोधपुर। पाबुपूरा से नवनिर्वाचित पार्षद निर्मला नायक के बेटी सहित गायब होने के मामले में परस्पर विवाद बना हुआ है। महिला पार्षद व पति ने वीडियो जारी कर पति व बेटी के साथ घूमने जाने का दावा किया। उधर, अस्पताल में पार्षद के ससुर लक्ष्मण नायक ने वीडियो जारी कर बेटे व पुत्रवधू पर दबाव डालकर वीडियो बनवाने का आरोप लगाया। वार्ड-76 से नवनिर्वाचित पार्षद निर्मला नायक व पति लितेश ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि वो बेटी के साथ मर्जी से घूमने के लिए गए हुए हैं। उन पर कोई दबाव नहीं हैं। पार्षद पति ने अपने पिता पर दबाव डालने का आरोप लगाया।

उधर, यह वीडियो आने के बाद अस्पताल में भर्ती निर्मला के ससुर लक्ष्मण नायक का वीडियो वायरल हुआ। जिसमें उन्होंने बेटे व पुत्रवधू पर दबाव डालकर वीडियो बनवाने का आरोप लगाया। वीडियो में उन्होंने कहा कि बेटे, पुत्रवधू व पोती दो दिन से गायब हैं। उनकी बात तक नहीं हो पा रही है। इससे उनकी तबीयत खराब है। इन पर दबाव डालकर वीडियो बनवाया जा रहा है।

पुलिस में की थी अपहरण की शिकायत

इस संबंध में लक्ष्मण नायक ने बुधवार रात कांग्रेस नेताओं के साथ एयरपोर्ट थाने पहुंचकर पुत्र, पार्षद पुत्रवधू व पोती के अपहरण करने की लिखित शिकायत दी थी। जिस पर परिवाद दर्ज किया गया था।

मेयर चयन में 'सोशल इंजीनियरिंग' पर फोकस

इधर, जोधपुर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बोर्ड गठन और मेयर पद के चयन को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नगर निगम चुनाव में अपना बोर्ड बनाने की कवायद के बीच गुरुवार को पार्टी ने दावा किया कि उसके पास संख्या बल पूरा है। इस बीच, मेयर के पद को लेकर पार्टी के भीतर सोशल इंजीनियरिंग (जातीय व क्षेत्रीय संतुलन) को ध्यान में रखते हुए मंथन का दौर जारी है। मेयर के चयन में पार्टी सोशल इंजीनियरिंग का भी ध्यान में रख रही है। सभी शहरों के मेयर उस शहर के स्थानीय समीकरण के साथ जातिगत समीकरणों का भी देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राजस्थान के सभी निकायों में मेयर अध्यक्ष के चयन में जातिगत संतुलन बिठाया जाएगा। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा सोशल इंजीनियरिंग पर फोकस कर रही है।