१ जनवरी से ब्लड बैंकों में खून के देने होंगे १०५० की बजाय १२५० रुपए
जोधपुर . किसी का सुहाग न उजड़े, किसी बूढ़े व्यक्ति के बुढ़ापे की लाठी न टूटे तो किसी महिला की गोद सूनी न रहे। कोई मासूम दुनिया से विदा न हो तो किसी जख्मी शख्स की समय पर जान बच जाए। कुछ इन्हीं जज्बात के मद्देनजर जोधपुर में हर साल करीब ५० हजार रक्तदाता रक्तदान करते हैं, लेकिन अफसोस, सरकार किसी मरीज या जख्मी इन्सान की जिन्दगी में काम आने वाला खून महंगा कर आम जनता के जख्म पर नमक छिड़क रही है। सरकार की ओर से रक्त सम्बन्धित सामग्री पर १२ प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। इस कारण अब तक प्रति यूनिट १०५० रुपए में मिलने वाला खून बढ़ कर प्रति यूनिट १२५० रुपए हो जाएगा।
राजस्थान स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल ने भी १ जनवरी २०१८ से बढ़ी हुई कीमतें लागू करने के आदेश दिए हैं। हालांकि प्रदेश में कई निजी ब्लड बैंकों ने बढ़ी हुई दरें अभी से लेना शुरू कर दिया है। फिलहाल जोधपुर में एेसी कोई शिकायत नहीं है। वहीं निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए सभी ब्लड बैंक से ***** ब्लड व पैक्ड रैड सेल्स के लिए १२५० रुपए लिए जाएंगे, इसके अब तक १०५० रुपए लिए जा रहे थे। हालांकि पहले ब्लड यूनिट के बैग पर कोई टैक्स नहीं था, अब इसे जीएसटी के दायरे में ला दिया गया है। एेसे में रक्त की कीमतों में दो सौ रुपए तक की बढ़ोतरी होगी। साथ ही रक्त संग्रहण बैग और जांच के अन्य उपकरण महंगे हो जाएंगे।
ये भी ध्यान रखें
आप सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं, तो आपको खून लेने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ेगा। बशर्तें कि आपको रक्त के बदले रक्त देना होगा। वहीं आपका मरीज निजी अस्पताल में भर्ती है तो आपको सरकारी ब्लड बैंक व निजी ब्लड बैंक में रुपए देने होंगे।
निंदनीय निर्णय
रक्त मानव शरीर में बनता है और मानव के ही काम आता है। इस पर तो शुल्क कम होना चाहिए। इसके विपरीत शुल्क बढ़ाना उचित नहीं है। हमारा संस्थान इसकी निंदा करता है।
- करणसिंह राठौड़, जिलाध्यक्ष, बाबा रामदेव समाज सेवा संस्थान, जोधपुर
रक्त बना पैसों का खेल
रक्त का दान सेवा की भावना से होता है। कई ब्लड बैंकों ने इसे पैसों का खेल बना दिया है। शहर में कई निजी ब्लड बैंक क्वालिटी के अनुसार ब्लड के पैसे लेते हैं, जो गलत है। यानी सरकारी ब्लड बैंक में १०५० रुपए में मिलने वाला ब्लड दूषित है?
- नवीन सोनी, समाजसेवी, जोधपुर
शुल्क नहीं लगना चाहिए
रक्त पर शुल्क लेना गलत है। रक्त को कई लोगों ने व्यवसाय बना लिया है, जो और गलत है। इस पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगना चाहिए। इस पर पैसे बढ़ाना निंदनीय है। शहर का हर व्यक्ति सेवा के नाते रक्त का दान करता है।
- पं. विनीत दाधीच, शहरवासी, जोधपुर
अच्छी बात नहीं
रक्त जांच पर जीएसटी लगने से मरीज के परिजन पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। वैसे भी परिजन बीमारी के वक्त चिंताजनक स्थिति में होते है। कई बार तो ब्लड देने वाले बड़ी मुश्किल से मिलते है। अब पैसा बढ़ाना, अच्छी बात नहीं है।
-गौरीशंकर बोराणा, समाजसेवी, जोधपुर
फैक्ट फाइल
जोधपुर जिले में कुल ब्लड बैंक- ८
सरकारी ब्लड बैंक- ५
निजी ब्लड बैंक - ३
हर साल रक्तदान शिविर- करीब ५००
जिले में तमाम जांचें रोज होती है- करीब २००