
abhishek bissa/जोधपुर. शहर में नगर निगम व जोधपुर विकास प्राधिकरण के अधीन सडक़ें अब तक नहीं सुधरी हैं। शहर से सटे बाहरी इलाके जोधपुर-जयपुर रोड के सारण नगर व नांदड़ी सहित आसपास के इलाकों में गड्ढों की भरमार है। कुछेक जगह पर गड्ढों पर मिट्टी डालने का कार्य भी महज खानापूर्ति नजर आ रहा है। कई जगहों पर आधी-अधूरी मिट्टी डालने का कार्य हुआ है। इन हालातों में वाहन चालकों व राहगीरों की हालत भी खस्ता है। हाईकोर्ट भी फटकार लगा रहा है। बावजूद इसके हालात नहीं सुधर रहे हैं।
वाहन नहीं गुजर पाते
नांदड़ी स्थित लक्ष्मण नगर बी इलाके में कई घरों के बाहर पानी भरा है। इस दौरान लोग मुश्किल से अपने वाहन निकाल पा रहे हैं। ऐसे में एक घर के बाहर लोग अपने वाहन चबूतरी से चढ़ाकर आगे ले जा रहे हैं। डेढ़ फिट गड्ढे और पानी भरा होने के कारण लोग बचाव कर निकल रहे हंै। यहां आसपास के आधे से ज्यादा इलाके में गड्ढे भरे पड़े हंै। जबकि सडक़ निर्माण करने वाली एजेंसियां महज मुख्य सडक़ पर निर्माण कार्य करवाकर आंतरिक भागों पर ध्यान ही नहीं देती है।
आधी-अधूरी मिट्टी से भर दिए गड्ढे
नांदड़ी गोशाला वाले मार्ग पर बेतहाशा गड्ढे हैं। आधे-अधूरे गड्ढे मिट्टी से भर दिए। कई जगहों पर गड्ढे यूं ही छोड़ दिए। इन हालातों में यहां कई दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल भी हुए हैं। जबकि इस रास्ते में सारण नगर रोड का सीवरेज का पानी निकासी के अभाव में अंदर घुस जाता है। इस कारण सारण नगर व नांदड़ी रोड तक प्रभावित है।
ये भी बड़ी परेशानी
दरअसल, गणेश होटल से सारण नगर, शिव मंदिर तक गत एक वर्ष पहले डेढ़ फुट ऊंची सीसी रोड बना दी गई। शिव मंदिर के पास ज्यादा स्लोप देकर पुरानी वाली डामर रोड से मिला दिया गया। जबकि शिवमंदिर से आरओबी शुरू होने तक करीब तीन सौ मीटर का एरिया डूब क्षेत्र में आ गया। ऐसे में हर मामूली वर्षा में पानी भर जाता है। ड्रेनेज सिस्टम फेल है। ड्रेनेज का पानी नांदड़ी जाने वाले मार्ग की तरफ नीचे उतर आता है। गड्ढे पानी से लबालब हो जाते है। इसको लेकर क्षेत्रवासी शुरू से आरोप लगाते रहे हैं कि सारण नगर सी रोड चौराहे से नांदड़ी ट्रीटमेंट प्लांट तक जाने वाली सीवर लाइन पूर्व में सीधी थी। निगम ने सीधी सीवर लाइन को हटाकर उसमें मोड़ दे दिए।
इनका कहना
गड्ढे भरने का कार्य जारी है। बीच में बारिश के दौरान कार्य रुका था। बाकी धीरे-धीरे सभी जगह कवर की जा रही है।
- दुर्गेश बिस्सा, आयुक्त जेडीए व नगर निगम