
जोधपुर. पाकिस्तान नागरिकता लिए जोधपुर में ब्याही गई जनता माली जिसके तीन मासूम बच्चे और पति हिंदुस्तान में है और वह खुद पाकिस्तान में फंसी है उसको वापस भारत लाने के लिए राज्य सरकार ने मुहिम तेज की है। अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम विभाग सुबोध अग्रवाल ने गृह मंत्रालय व विदेश मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखा है।
अग्रवाल ने गृह मंत्रालय के सचिव अजय कुमार भल्ला और विदेश मंत्रालय के सचिव हर्षवर्धन सिंगला को लिखे पत्र में जनता माली को मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर पाकिस्तान से वापस लाने की बात कही है। गौरतलब है कि लीलाराम माली फरवरी माह में अपनी पत्नी जनता माली व तीन बच्चों के साथ पाकिस्तान के मीर खासपुर गया था। जनता माली मूलत: पाकिस्तान की है और शादी के बाद पिछले 10 साल से भारत में रह रही है। लेकिन आज तक भारतीय नागरिकता नहीं मिली। पाकिस्तान में जनता माली की मां की तबीयत खराब थी जिसकी कुशलक्षेम पूछने के लिए पूरा परिवार गया था। इस बीच कोरोना के कारण भारत-पाक के बीच चलने वाली ट्रेन बंद हो गई। इससे अप्रेल माह में लीलाराम व उनके तीन बच्चों की वीजा अवधि समाप्त होने पर बढ़ा दी गई। लेकिन उनकी पत्नी जो कि नोरी वीजा पर गई थी वह रिन्यू नहीं किया गया। इस कारण लीलाराम अपने तीन बच्चों को लेकर हिंदुस्तान आ गए, जबकि पत्नी जनता माली नहीं आ सकी। अब यहां सरकारी अधिकारियों के पास चक्कर लगाकर अपनी पत्नी को वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं।
पत्रिका से उठाया था मामला
पत्रिका ने 7 जुलाई के अंक में ‘मां पाकिस्तान से साथ न आ सकी, यहां तीन मासूमों के नहीं रुक रहे आंसू’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिंदूसिंह सोढ़ा का कहना है कि वे राज्य व केन्द्र सरकार दोनों से सम्पर्क में है। सक्रियता देख कर उम्मीद है कि जल्द जनता माली अपने बच्चों व पति के पास आ जाएगी।