जोधपुर

जोधपुर का पहला कोरोना संक्रमित मरीज हिमांशु स्वस्थ, घर में रहेंगे परिवार वालों के साथ रहेंगे आईसोलेट

जोधपुर शहर में कोरोना वायरस का प्रथम संक्रमित मरीज हिमांशु को सोमवार को संक्रामक रोग संस्थान से डिस्चार्ज कर दिया गया है। ये डिस्चार्ज कार्य एमजीएच अधीक्षक डॉ. महेश भाटी की देखरेख में हुआ। वहीं हिमांशु की मां, पत्नी, बच्ची व घर की बाई को भी आयुर्वेद विवि क्वॉरेंटाइन से घर भेज दिया गया है।
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jodhpur's first corona positive patient is medically fit, send to home
जोधपुर का पहला कोरोना संक्रमित मरीज हिमांशु स्वस्थ, घर में रहेंगे परिवार वालों के साथ रहेंगे आईसोलेट

जोधपुर. जोधपुर शहर में कोरोना वायरस का प्रथम संक्रमित मरीज हिमांशु को सोमवार को संक्रामक रोग संस्थान से डिस्चार्ज कर दिया गया है। ये डिस्चार्ज कार्य एमजीएच अधीक्षक डॉ. महेश भाटी की देखरेख में हुआ। वहीं हिमांशु की मां, पत्नी, बच्ची व घर की बाई को भी आयुर्वेद विवि क्वॉरेंटाइन से घर भेज दिया गया है। हिमांशु अपने घर में आइसोलेटेड रहेंगे। एक-दो दिन में हिमांशु के चाचा-चाची को भी डिस्चार्ज किया जा सकता है। हालांकि हिमांशु को पूर्व में डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन उनके घर में कोई नहीं होने से उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया गया।

कोरोना मीटर

जिला-जोधपुर
अस्पताल - एमडीएम व एम्स जोधपुर
कुल पॉजिटिव भर्ती- 21
पॉजिटिव से नेगेटिव- 5
कुल डिस्चार्ज- 1
कुल मौतें- 0

हाई रिस्क क्षेत्र में डोर टू डोर सैंपलिंग में मिल रहे रोगी
जोधपुर. जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि पिछले दो दिन से हाई रिस्क क्षेत्र में डोर टू डोर सैंपलिंग करवाई जा रही है। इससे सोमवार को जोधपुर में कोविड-19 का एक ओर केस सामने आया है। कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में समीक्षा के दौरान कलक्टर ने कहा कि सैंपलिंग कुछ क्राइटेरिया के साथ की जा रही है। इसमें ट्रेवल हिस्ट्री वाले, क्रॉनिक डिजीज वाले, वृद्धावस्था अथवा कोरोना के लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों की जा रही है। पिछले 2 दिनों में सर्वे में से एक केस रविवार और सोमवार पॉजिटिव आया। प्रशासन की सघन स्क्रीनिंग की रणनीति चल रही है। इसके तहत नागौरी गेट के आसपास के इलाके हैं, उत्तर-दक्षिण के 37 वार्डस में 2 लाख व्यक्ति रहते हंै। इन क्षेत्रों में सघन सर्वे चल रहा है। इन लोगों का टेस्ट भी इसी एरिया में जाकर किया जा रहा है। नागौरी गेट क्षेत्र में 150 टीमों ने सघन सर्वे कर रैंडम सैंपलिंग की है। इसके अंतर्गत 277 टीमें कार्य कर रही है तथा इन टीमों द्वारा 24 हजार 107 घरों का सर्वे किया गया है। इनमें संपर्क किए गए सदस्यों की संख्या 1 लाख 12 हजार 678 हंै। इनमें विदेश यात्रा की एक भी सदस्य नहीं है। हाई रिस्क सदस्य 102, आईएलआई मरीजों की संख्या 117 तथा 35 सैंपल लिए गए हैं।

Updated on:
07 Apr 2020 12:45 pm
Published on:
07 Apr 2020 12:45 pm