जोधपुर

जोधपुर: 3 दवाओं के सैंपल फेल, एंटीबायोटिक से हार्ट अटैक की दवा तक शामिल

जोधपुर में आम मरीजों के इलाज में उपयोग होने वाली तीन महत्वपूर्ण दवाओं के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त ने जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित बैच की दवाओं को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं मानते हुए आवश्यक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
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Updated: 9 Jun 2026, 7:38 AM IST
Jodhpur News
3 दवाओं के सैंपल फेल (पत्रिका फाइल फोटो)

जोधपुर: आम मरीजों के इलाज में रोजाना इस्तेमाल होने वाली तीन बेहद जरूरी दवाओं के सैंपल लैब टेस्ट में फेल हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त (फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल कमिश्नर) ने इस जांच रिपोर्ट के बाद सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने इन दवाओं के प्रभावित बैच को मानक गुणवत्ता (स्टैंडर्ड क्वालिटी) के अनुरूप नहीं पाया है और इन्हें बाजार से हटाने व आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

जांच में जो दवाएं फेल हुई हैं, उनमें एक एंटीबायोटिक, एक एंटी-एलर्जिक (एलर्जी की दवा) और एक दिल के मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण दवा शामिल है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इन बीमारियों में दवाओं की गुणवत्ता सही न होना मरीजों की सेहत के लिए गंभीर साबित हो सकता है।

इन तीन दवाओं के सैंपल हुए फेल

फेनिरामाइन मैलिएट (Feniramine Maleate): इस दवा का बैच नंबर BWI 2502 जांच में फेल पाया गया है। यह दवा आम तौर पर मरीजों को एलर्जी, सर्दी-जुकाम, नाक बहने, लगातार छींक आने और आंखों से पानी आने जैसी समस्याओं से राहत देने के लिए दी जाती है।

सेफपोडॉक्सिम प्रॉक्सेटिल (Cefpodoxime Proxetil): इस एंटीबायोटिक दवा का बैच नंबर 25A-BT 041 मानकों पर खरा नहीं उतरा है। इसका उपयोग गले, कान, साइनस, फेफड़ों, त्वचा और यूरिन इन्फेक्शन (मूत्र मार्ग के संक्रमण) को ठीक करने के लिए किया जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, इन्फेक्शन के इलाज में दवा की शुद्धता और गुणवत्ता सबसे ज्यादा मायने रखती है।

रामिप्रिल टैबलेट क्वालिटी टेस्ट में फेल

इस दवा का बैच नंबर TA 26022 भी क्वालिटी टेस्ट में पास नहीं हो सका। रामिप्रिल एक बेहद संवेदनशील दवा है, जो हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) को कंट्रोल करने, हार्ट फेलियर के मरीजों के इलाज और दिल का दौरा (हार्ट अटैक) या स्ट्रोक के खतरे को कम करने के लिए डॉक्टरों द्वारा लिखी जाती है।

निदेशालय की ओर से कार्रवाई के आदेश

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त ने जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित बैच की दवाओं को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं मानते हुए आवश्यक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। निदेशालय की ओर से सूची जारी होने के बाद अब औषधि नियंत्रण विभाग इन खराब बैच की दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने और इन्हें बाजार से वापस खींचने की प्रक्रिया में जुट गया है, ताकि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो।

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9 Jun 2026, 7:38 AM IST
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