
फेसबुक लाइव : अरविंदसिंह राजपुरोहित/जोधपुर. निर्भया कांड पर पटियाला कोर्ट की ओर से दोषियों को डेथ वारंट जारी करने के बाद से ही देशभर में हर्ष का माहौल है। खासतौर पर स्कूल से लेकर कॉलेज में पढऩे वाली स्टूडेंट भी इस फैसले पर खुशी जता रही है। हालांकि फैसला आने में सात वर्ष से अधिक समय लग गया इसको लेकर स्टूडेंट नाखुश भी दिखा। पत्रिका ने बुधवार को शहर के प्रतापनगर स्थित महालक्ष्मी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की स्टूडेंट से चर्चा की। स्टूडेंट का कहना था कि समाज यदि हर महिला को बहन, बेटी की नजर से देखें तो ऐसे अपराध कभी दोबारा नहीं होंगे, जरूरत है अब जागरूक होने की।
चर्चा की शुरुआत करते हुए बेबी चौधरी ने कहा कि फैसला बहुत जल्दी आना चाहिए था। देरी से अपराधियों का हौसला बढ़ जाता है। इस तरह के मामलों में कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। जो समाज के लिए एक नजीर बनें। दीपीका शर्मा ने कहा कि इस तरह के केस में त्वरित न्याय होना चाहिए। दोषियों को चौराहे पर फांसी की सजा दी जानी चाहिए। जिससे अपराधियों में भय बढ़ें। यामिनी कल्ला ने कहा कि जिस देश में नारियों का सम्मान होता आया है वहां इस तरह की घटनाएं होना शर्मनाक है। समाज को जागरूक होने की जरूरत है। ( WATCH FACEBOOK LIVE)