जोधपुर

Jodhpur: तांत्रिक ने कहा- पत्नी पर डायन का साया है, पूरे परिवार को खत्म कर देगी; अंधविश्वास ने ले ली 4 लोगों की जान

गेनाराम पत्नी की मानसिक बीमारी का इलाज अस्पताल में कराने के बजाय तांत्रिक के झांसे में आ गया। तांत्रिक ने कहा ‘तुम्हारी पत्नी पर डायन का साया है, वह पूरे परिवार को खत्म कर देगी। इसी अंधविश्वास से 4 लोगों की जान चली गई।
2 min read
Jul 01, 2026
jodhpur 4 death news
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम. Photo- Patrika

जोधपुर/रोहट। लकवाग्रस्त पिता, दिव्यांग भाई और पूरे परिवार की जिम्मेदारी… इन्हीं संघर्षों के बीच गेनाराम कई साल से गांव से 200 किलोमीटर दूर खेती कर अपने घर का सहारा बना हुआ था। लेकिन पत्नी की मानसिक बीमारी का इलाज अस्पताल में कराने के बजाय वह तांत्रिक के झांसे में आ गया। तांत्रिक ने कहा ‘तुम्हारी पत्नी पर डायन का साया है, वह पूरे परिवार को खत्म कर देगी।’

बस, इसी एक झूठ ने गेनाराम की सोच पर ऐसा पर्दा डाला कि कुछ ही मिनटों में उसने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी जान दे दी। अब लकवाग्रस्त पिता, दिव्यांग भाई और बेसुध बूढ़े मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है।

पिता जोधाराम कई वर्षों से लकवे से पीड़ित

बीठू गांव का गेनाराम सामान्य किसान परिवार से था। उसके पिता जोधाराम कई वर्षों से लकवे से पीड़ित हैं, जबकि भाई राजू दिव्यांग और मानसिक रूप से कमजोर है। ऐसे में परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी गेनाराम के कंधों पर थी। रोजी-रोटी की तलाश में वह परिवार सहित फतेहगढ़-देचू क्षेत्र में खेती का काम करने चला गया। कई साल से वह खेती कर अपना परिवार चला रहा था।

ग्रामीण बताते हैं कि पुष्पा का बचपन भी संघर्षों में बीता था। उसके माता-पिता का बचपन में ही निधन हो गया था। इसके बाद मुकनपुरा निवासी उसकी बुआ ने उसे और उसकी बहन को पाल-पोसकर बड़ा किया और बाद में गेनाराम से विवाह कराया। शादी के बाद दोनों के दो बच्चे हुए और परिवार खुशी-खुशी जीवन बिता रहा था।

बूढ़े मां-बाप पर टूटा दुखों का पहाड़

जैसे ही बीठू गांव में इस घटना की सूचना पहुंची, पूरे गांव में मातम छा गया। लकवाग्रस्त पिता और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे के सहारे उनका बुढ़ापा कट रहा था, उसी की अर्थी उठने की खबर ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया। दिव्यांग भाई के सामने भी अब जीवन का सबसे बड़ा सहारा छिन गया है।

यह वीडियो भी देखें

घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग और रिश्तेदार घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। बुधवार को गेनाराम, उसकी पत्नी और दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बीठू में गमगीन माहौल में किया गया।

Updated on:
01 Jul 2026 07:19 pm
Published on:
01 Jul 2026 06:10 pm