जोधपुर

AGRI UNIVERSITY–जीरा, चना, सरसो की लुप्त वैरायटियों को बचा रहा जोधपुर

- लुप्त होती फसलों की किस्मों के संरक्षण के लिए कृषि विवि इंटरनेशनल प्रोजेक्ट पर कर रहा शोध - प्रदेश के पांच कृषि विश्वविद्यालयों में अन्तरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट हासिल करने वाला प्रदेश का पहला विवि - अच्छे परिणाम देने वाली किस्मों से हजारों किसान हो रहे लाभान्वित
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Jan 10, 2021
AGRI UNIVERSITY--जीरा, चना, सरसो की लुप्त वैरायटियों को बचा रहा जोधपुर
AGRI UNIVERSITY--जीरा, चना, सरसो की लुप्त वैरायटियों को बचा रहा जोधपुर

जोधपुर।

पश्चिमी राजस्थान की लुप्त हो रही स्थानीय फसलों को जोधपुर बचा रहा है। जोधपुर कृषि विवि इंटरनेशनल प्रोजेक्ट के तहत इन स्थानीय फसलों के संरक्षण के लिए शोध कर रहा है। रोम की इंटरनेशनल बायोडायवर्सिटी बोर्ड व ग्लोबल एनवॉयरमेंट फैसिलिटी (जेफ) की ओर से कृषि विश्वविद्यालय प्रोजेक्ट के तहत रबी व खरीफ की अलग-अलग फसलों की लुप्त वैरायटियों का संरक्षण कर किसानों को लाभान्वित कर रहा है। प्रदेश में संचालित हो रहे 5 कृषि विवि में अन्तरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट हासिल करने वाला यह प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। प्रोजेक्ट में राजस्थान के जोधपुर, बाड़मेर व जैसलमेर सहित तीन जिलों को शामिल किया गया है। विवि जोधपुर जिले के ओसिया के गोविन्दपुरा व मानसागर तथा बाड़मेर के चौहटन के धीरासर व धोख गांव में कार्य कर रहा है।

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रबी व खरीफ की लुप्त वैरायटियों पर हो रहा काम

प्रोजेक्ट के तहत विवि खरीफ की मूंग, मोठ, तिल, बाजरा फसलों पर काम कर रहा है। वहीं वर्तमान में रबी सीजन में जीरा, चना, सरसो, जौ व मसूर आदि फसलों की लुप्त किस्मों के संरक्षण के लिए शोध कर रहा है।

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1600 किसानों को लाभान्वित करने की योजना

प्रोजेक्ट के तहत किसानों को लुप्त हो रही फसलों के संरक्षण के साथ उनकी नई वैरायटी पैदा करने, उच्च तकनीकी इस्तेमाल करने की जानकारी दी जा रही है, ताकि उत्पादकता, उत्पादन व किसान का सामाजिक स्तर बढ़े। इसके अलावा, बीज भण्ड़ारण के लिए सामुदायिक उन्नत बीज बैंक की व्यवस्था की गई है। इस प्रोजेक्ट में प्रदेश के करीब 1600 किसानों को लाभान्वित करने की योजना है।

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किसानों को उपलब्ध कराई जा रही वैरायटियां

इस वर्ष जीरा, चना, सरसो, मसूर आदि की लुप्त किस्मों पर हुए शोध के बाद उपयुक्त पाई गई वैरायटियों को किसानों को उपलब्ध कराया गया है।

फसल-- वैरायटी पर काम चल रहा

सरसो--- 58

चना--- 40

जीरा--- 20

मसूर---4

इनमें से प्रत्येक फसल की 3-3 वैरायटी किसानों को बुवाई के लिए उपलब्ध करा दी गई है।

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इंटरनेशनल प्रोजेक्ट का आशानुरूप परिणाम मिल रहा है। विभिन्न लुप्त वैरायटियों पर शोध के बाद अच्छे परिणाम वाली किस्मों को किसानों को उपलब्ध कराया गया है।

डॉ बनवारीलाल, प्रिंसिपल इनवेस्टिगेटर

कृषि विवि

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Published on:
10 Jan 2021 06:47 pm