जोधपुर

Exclusive: जोधपुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल को लेकर सरकार की अनदेखी, मेन गेट की चाबी है गमले बेचने वाले के पास

जोधपुर का टाउन हॉल लंबे समय से बंद पड़ा है। बिजली कनेक्शन कटा हुआ है और मुख्य द्वार की चाबी गमले बेचने वाले के पास है। सरकारी अनदेखी के चलते ऐतिहासिक भवन बदहाल हो रहा है।
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Oct 21, 2026
jodhpur townhall
मुख्य द्वार पर ताला लगाता गमला विक्रेता (Photo-Patrika)

जोधपुर. सरकारी तंत्र की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा कि शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान रहा टाउन हॉल आज बदहाली के आंसू बहा रहा है। टाउन हॉल पिछले काफी समय से बंद पड़ा है। इस हॉल पर सरकार और संबंधित विभाग की उदासीनता इस कदर हावी है कि अब इसके मुख्य द्वार की सुरक्षा व्यवस्था फुटपाथ पर गमले बेचने वाले के भरोसे छोड़ दी गई है। ऐसे में सवाल यह है कि कार्यालय में बैठने वाले अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे है या उन्हें अपनी जिम्मेदारियों से कोई लेना-देना नहीं है?

पहले फिटनेस खोई, फिर कटी बिजली टाउन हॉल के दुर्दिनों की शुरुआत तब हुई जब देख-रेख के अभाव में इसे अनफिट भी घोषित कर दिया गया। रख-रखाव न होने के कारण व्यवस्थाएं चरमराती गई और आखिरकार बिजली का बिल नियमित नहीं भरे जाने और अत्यधिक बकाया हो जाने के कारण विद्युत विभाग ने इसका बिजली कनेक्शन काट दिया। इसके बाद से यह भव्य भवन अंधेरे और वीरानी के आगोश में समा गया।

मुख्य द्वार की चाबी थमाई बाहरी को

राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के अंतर्गत आने वाले इस परिसर की रखवाली की जिम्मेदारी भी ढीली हो गई। टाउन हॉल में कोई गार्ड नहीं है, ऐसे में के मुख्य द्वार की चाबी अब किसी जिम्मेदार कर्मचारी या गार्ड के पास होने के बजाय फुटपाथ पर गमले बेचने वाले एक व्यक्ति को सौंप दी गई है।

उठ रहे गंभीर सवाल

सुरक्षा पर बड़ा खतरा किसी भी ऐतिहासिक या सरकारी संपत्ति के मुख्य द्वार की चाबी आम फुटपाथ विक्रेता के पास होना प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा है।

संस्कृति का अपमान

जिस टाउन हॉल में कभी कला, संस्कृति और रंगमंच से जुड़े बड़े आयोजन हुआ करते थे, जहां कलाकारों की प्रस्तुतियों से रौनक रहती थी, वही भवन आज सरकारी अनदेखी के चलते वीरान पड़ा है। लंबे समय से बंद पड़े इस हॉल की बदहाली और व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदार विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में राजस्थान संगीत नाटक अकादमी की सचिव गौमती शर्मा से पक्ष जानने के लिए कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद मैसेज के जरिए भी संपर्क किया गया। इस पर उन्होंने व्यस्तता का हवाला देते हुए बाद में बात करने की बात कही, लेकिन टाउन हॉल की मौजूदा स्थिति और इसे दोबारा शुरू करने की दिशा में विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इस पर उनका पक्ष नहीं मिल सका।

Updated on:
21 Oct 2026 04:14 pm
Published on:
21 Oct 2026 04:14 pm