10 घंटे बाद ही सामने आ गया झूठव्यापारी ने बाइक सवार दो युवकों पर लगाया था लूट का आरोप
कर्ज में डूबे एक अनाज व्यापारी ने 28 लाख की लूट की झूठी कहानी रच डाली। व्यापारी ने भदवासिया ओवरब्रिज पर लूट होना बताया और दो बाइक सवार युवकों पर आरोप लगाया। शाम तक व्यापारी पुलिस को बार-बार बरगलाता रहा। सख्ती से पूछताछ में उसने लूट की झूठी कहानी रचना कबूल कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाने के आरोप में कार्रवाई की जाएगी। एडीशनल डीसीपी अनंत कुमार ने बताया कि भदवासिया कृषि मंडी में अनाज व्यापारी मुकेश कुमार लूणावत सोमवार दोपहर महामंदिर थाने पहुंचा और थानाधिकारी को बताया कि वह 28 लाख रुपए लेकर बैंक जा रहा था। ओवरब्रिज पर बाइक सवार दो युवकों ने उसकी बाइक के टायर में हवा कम बताई। उसने बाइक साइड में लगाई तो दोनों युवक गले से सोने की चेन तोडऩे लगे। व्यापारी के अनुसार युवक रुपए का थैला और मोबाइल छीनकर ले गए। युवकों ने हेलमेट लगा रखे थेए इससे उनकी शक्ल नहीं देख पाया।
सूचना पर महामंदिर थानाधिकारी सीताराम खोजा, आइपीएस सुधीर चौधरी, एडी डीसीपी अनंत कुमार मौके पर पहुंचे। व्यापारी की बातों पर पुलिस को शक हुआ तो उसे थाने लाकर पूछताछ की गई। जहां उसने सच्चाई कबूल कर ली।
झूठ के बाद झूठ और फंस गया मुकेश
मुकेश की बातों पर शुरू से ही पुलिस को विश्वास नहीं हो रहा था। उसने भदवासिया पुलिया के ऊपर वारदात होना बताया। जहां दिन के समय लूट की वारदात संभव नहीं है। वह थाने दोपहर में पहुंचा था और घटना सुबह 11 बजे की बताई तो पुलिस का शक और बढ़ गया कि आखिर देरी से सूचना देने की क्या वजह हो सकती है, थाने आते ही उसने 27 लाख रुपए की लूट बताई थी और बाद में 28 बताने लगा। मंडी में जाकर पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि मुकेश की स्थिती ठीक नहीं है। कई व्यापारियों का उसमें गेहूं का पैसा बकाया चल रहा है।
पुलिस के अलग अलग अधिकारियों ने उससे अलग अलग पूछताछ की तो उसकी बातों में भी फर्क आने लगा। उसने जिस तरफ बाइक सवार युवकों का भागना बताया था उस रूट के सीसीटीवी देखे तो उनमें भी इस तरह की बाइक नजर नहीं आई। बाद में वह हर बात पर झूठ बोलने लगा और पुलिस ने वारदात का पटाक्षेप कर दिया।
गलत कामों में पैसा लगाया, लोग कर्ज के लिए दबाव बना रहे थे
पुलिस का कहना है कि मुकेश का मंडी में अनाज का अच्छा कारोबार है लेकिन उसने पैसा गलत कामों में लगा दिया था। इस वजह से वह व्यापारियों को समय पर भुगतान नहीं कर पाया और उस पर कर्जा हो गया। पैसे मांगने वाले लोग रोज उस पर दबाव बना रहे थे। पुलिस तहकीकात कर रही है कि मुकेश ने कहां कहां पैसा लगाया था।
खुद ने कपड़े फाड़े, मोबाइल फेंके, पुलिया पर तो गया ही नहीं
वारदात को सही साबित करने के लिए मुकेश ने खुद ने ही अपने कपड़े फाड़ लिए थे। अपने दोनों मोबाइल भी उसने किसी नाले में फेंक दिए जिससे पुलिस को बिल्कुल भी शक नहीं हो। जिस पुलिया पर वारदात होना बताया था वहां तो वह गया ही नहीं था। पुलिस टीम को करेंगे पुरस्कृत एडीशनल डीसीपी अनंत कुमार का कहना है कि इस मामले के खुलासे के लिए लगाई गई पुलिस टीम ने महज 10 घंटे में ही वारदात का पर्दाफाश कर सराहनीय कार्य किया है। टीम ने हर पहलू पर जांच की तभी सच्चाई सामने आई है। टीम में शामिल थानाधिकारी सीताराम खोजा, एसआई ठाकरा राम, हैड कांस्टेबल परमेश्वर व मदनलाल, महामंदिर थाने के कांस्टेबल ओमप्रकाश व भवानी, उदयमंदिर के शमशेर व डीसीपी ऑफिस के राकेश को पुरस्कृत किया जाएगा।