चीन पर सबसे ज्यादा टैरिफ अमरीका सरकार लगाने जा रही है। वहां से अमरीका जाने वाला माल ज्यादा प्रभावित होगा।
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन समेत कई देशों की ओर से लगाए जा रहे टैरिफ के जवाब में रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करने की डेडलाइन जारी कर दी है। दो अप्रेल से इसे लागू करने की बात है। जोधपुर से हैंडीक्राफ्ट सहित बड़ी मात्रा में एग्रो व अन्य उत्पाद एक्सपोर्ट होते हैं। ऐसे में निर्यात सेक्टर काफी डरा हुआ है। इस बीच इसे आपदा में अवसर के तौर पर भी देखा जा रहा है।
चीन पर सबसे ज्यादा टैरिफ अमरीका सरकार लगाने जा रही है। वहां से अमरीका जाने वाला माल ज्यादा प्रभावित होगा। ऐसे में हैंडीक्राफ्ट व फर्नीचर के लिए सबसे बड़ा विकल्प भारत ही बचता है। जोधपुर देश में हैंडीक्राफ्ट फर्नीचर का सबसे बड़ा निर्यातक है। यहां से एक साल में अमरीका में 2500 करोड़ का निर्यात व्यापार होता है।
चीन पर टैरिफ लगाया जाएगा तो वहां की सरकार सब्सिडी या अन्य तरीके से मदद करती है। भारत सरकार को भी इंसेंटिव बढ़ाकर निर्यातकों को राहत देनी चाहिए। - महावीर बागरेचा, उपाध्यक्ष, जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
चीन पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाया है। फिर भी हम समझते हैं कि यह अच्छा अवसर है। चीन के मार्केट को तोड़ा जाता है तो जोधपुर ही उसकी जगह लेगा।- निर्मल भंडारी, निर्यातक
पहले निर्यात सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव स्कीम लागू की गई थी। पांच प्रतिशत तक इंसेंटिव सरकार देती थी। ऐसे में निर्यातकों को सरकार से बड़ी राहत मिलती थी, लेकिन अब यह इंसेंटिव 0.5 से 0.75 प्रतिशत तक है। ऐसे में निर्यातकों का रिस्क फैक्टर भी काफी बढ़ गया है।
रेसिप्रोकल टैरिफ का मतलब होगा कि अमरीका आयात पर टैरिफ दरें लगाएगा, जो अन्य देशों में उनके देश से निर्यात सामान पर टैरिफ के अनुपात में ही होगा। अमरीका ने चीन पर 20 फीसदी टैरिफ दर की घोषणा की है। हालांकि भारत भी इस टैरिफ के दायरे में आएगा, लेकिन यह आपदा में अवसर के समान होगा।