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जोधपुर। इस बार सर्दियों को लेकर किए जा रहे तमाम अनुमान उलट साबित हुए। लंबे मानसून और प्रशांत महासागर में ला नीना के प्रभाव के चलते उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन जोधपुर में दिसंबर का महीना बीते 10 साल में सबसे गर्म दर्ज किया गया।
पूरे महीने न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया, जबकि 10 डिग्री से कम तापमान केवल पांच दिन ही रिकॉर्ड हुआ। लगातार रातों का तापमान 10 डिग्री से ऊपर बने रहने से दिसंबर की पारंपरिक सर्दी लगभग नदारद रही। हालांकि सुबह और देर रात हल्की ठंड का अहसास जरूर रहा, लेकिन दिन के समय मौसम अपेक्षाकृत गर्म बना रहा। धूप निकलते ही लोगों को ऊनी कपड़ों से राहत मिलती रही।
जोधपुर में 52 साल पहले 29 दिसंबर 1973 को कड़ाके की सर्दी का रिकॉर्ड बना था, जब न्यूनतम तापमान गिरकर 1.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके मुकाबले इस साल दिसंबर की रातें काफी गर्म रहीं, जिससे ठिठुरन का अहसास नहीं हो पाया।
इस साल पूरे उत्तर भारत में मानसून सक्रिय रहा और औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई। आमतौर पर ला नीना की स्थिति में सर्दियों के दिन लंबे होते हैं और ठंड अधिक तीखी रहती है। इसी कारण यह भी माना जा रहा था कि सर्दी ज्यादा पड़ेगी।
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हालांकि जोधपुर में अक्टूबर में दिन का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था और इसे बीते 10 वर्षों का सबसे गर्म अक्टूबर माना गया। हालांकि अक्टूबर की रातें अपेक्षाकृत उतनी ठंडी नहीं रहीं। यही असर आगे नवंबर और दिसंबर तक भी बना रहा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक मौसम पैटर्न और स्थानीय कारकों के कारण इस बार सर्दी का मिजाज बदला हुआ नजर आया।
| वर्ष | न्यूनतम तापमान |
| 2024 | 7.5 |
| 2023 | 8.6 |
| 2022 | 9.0 |
| 2021 | 6.0 |
| 2020 | 4.8 |
| 2019 | 4.4 |
| 2018 | 4.6 |
| 2017 | 8.5 |
| 2016 | 8.6 |
| 2015 | 6.0 |
Updated on:
1 Jan 2026, 2:37 PM IST
Published on:
1 Jan 2026, 2:37 PM IST
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