
जोधपुर।
शिक्षण संस्थानों में अपनी पहचान बना चुके जोधपुर में एक और नया अध्याय जुडऩे जा रहा है। जोधपुर का कृषि विश्वविद्यालय देश को कृषि ज्ञान देगा। यह देश के उन कृषि विश्वविद्यालय में शामिल हो गया है जिन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से एक्रीडेशन दिया है। यहां भी देशभर के विद्यार्थी पढ़ सकेंगे। एक्रीडेशन मिलने के बाद विश्वविद्यालय में दो माह बाद ही जुलाई में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा।आइसीएआर की ओर से देश के कृषि विश्वविद्यालयों में बीएससी और एमएससी में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा करवाई जाती है। परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए 15-15 प्रतिशत सीटों का कोटा दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों के लिए रहता है। आइसीएआर की ओर से गठित पूर्व कुलपति व वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने विश्वविद्यालय का सर्वे किया था।
महिला कृषि शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
आइसीएआर महिला कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने की अपनी योजनानुरूप विश्वविद्यालय को गल्र्स होस्टल निर्माण के लिए फण्ड देती है। जोधपुर में कृषि छात्राओं के लिए होस्टल बनेगा, गेम्स जोन, उच्च स्तरीय अत्याधुनिक पुस्तकालय विकसित होगा। विद्यार्थियों को एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के विद्याथियों से रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, पाठ्यक्रम के अंतिम सत्र में विद्यार्थियों को रूरल एग्रीकल्चर वर्क एक्सपीरियंस (रेव ) कार्यक्रम में किसानों के साथ रहने कृषि क्षेत्र में नए प्रयोग करने, कृषि तकनीकों से किसानों को लाभान्वित करने का मौका मिलेगा।
इस आधार पर मिला
- हर विभाग में विषय विशेषज्ञ, फेकल्टी उपलब्ध
- संसाधन व उपकरणों से युक्त लेबोरेटरी सुविधा
- विद्यार्थियों को फील्ड प्रयोग में अग्रणी
- पिछले तीन सालों में करोडों के राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स मिले है।
- राष्ट्रीय सेमिनार हुई है।
- लाइब्रेरी सुविधा
- इंफ्रास्ट्रक्चर
- ऑडिटोरियम
- स्टाफ के लिए क्वार्टर, गार्डन आदि सुविधा
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जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय को एक्रीडेशन मिलना गौरव की बात है। पिछले तीन वर्षो में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान के क्षेत्र में नए आयाम छूए है। इससे यहां के विद्यार्थियों राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय संस्थाओं में महत्व दिया जाएगा।
डॉ. एमएल मेहरिया, वैज्ञानिक व जनसंपर्क अधिकारी
कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर