जोधपुर

Jodhpur News: बहू नहीं बेटी है मेरी…यह कहकर सास ने उपहार में दे दिया अपना घर, नामांतरण आदेश हुआ जारी

JDA: जोधपुर विकास प्राधिकरण के शहरी सेवा शिविर में एक महिला ने अपनी बहू को बेटी मानते हुए अपना मकान उसके नाम कर दिया। नामांतरण आदेश मिलने के दौरान उनके इस फैसले ने शिविर में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
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Jul 02, 2026
Jodhpur Development Authority
चेहरों पर ​खिली मुस्कान। फोटो- पत्रिका

जोधपुर। जोधपुर विकास प्राधिकरण में चल रहे शहरी सेवा शिविर कई परिवारों के लिए खुशियों और राहत का दिन बन गया। किसी को वर्षों से लंबित पट्टा मिला, तो कोई राज्य सरकार की विशेष छूट से खुश दिखा। वहीं एक महिला ने अपनी बहू को बेटी का दर्जा देते हुए मकान उसके नाम कर समाज के सामने अनूठी मिसाल पेश की। शिविर में महिला घुडक़ी देवी ने अपना मकान बहू संतोष चौधरी के नाम हस्तांतरित कर दिया।

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नामांतरण आदेश प्राप्त करते समय उन्होंने कहा कि बेटियां भाग्य से मिलती हैं। बहू भी बेटी ही होती है। जिस घर में जाती है, वहां खुशहाली लेकर आती है। इसलिए मैंने अपना घर बेटी समान बहू को उपहार स्वरूप दिया है। उनकी पहल शिविर में मौजूद लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बन गई।

वर्षों का इंतजार खत्म

रमजानजी का हत्था नांदड़ी निवासी शायरा बानों के लिए यह शिविर दोहरी खुशी लेकर आया। वर्षों पहले भूखंड खरीदने के बावजूद पारिवारिक परिस्थितियों और जानकारी के अभाव में वह लीज डीड नहीं बनवा सकी थीं। शिविर में जोन-1 के उपायुक्त प्रवीण रत्नू ने प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी।

अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से केवल पट्टा ही नहीं छूट का भी लाभ मिला। प्राधिकरण उपसचिव एवं शहरी सेवा शिविर नोडल अधिकारी सुमन राठौड़ ने बताया कि विभिन्न सेवाओं के 122 प्रकरण प्राप्त हुए। इस दौरान कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं एवं प्राधिकरण की योजनाओं के 44 पट्टे जारी किए गए। इसी तरह नाम हस्तांतरण के 28, उपविभाजन एवं पुर्नगठन के 04, लीज राशि जमा के 29 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

यहां लगे कैंप

जोन-1 के ग्राम पालासनी, खोलिया, सेवालों की ढाणी, फिटकासनी, रसीदा, जोन-2 के ग्राम बोरानाड़ा, जोन-3 के ग्राम तनावड़ा, बड़लिया, जोन-4 के ग्राम लोरडी देजगरा, जोलियाली, जानादेसर, जोन-5 के ग्राम इन्द्रोका, बागा, जोन-6 के ग्राम मण्डोर के विभिन्न अनुमोदित खसरों व कॉलोनियों एवं विवेक विहार समस्त सेक्टर के लिए शिविर का आयोजन किया गया।

गौरतलब है कि इससे पहले जोधपुर में जेडीए के शहरी सेवा शिविर में एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक क्षण सामने आया था, जिसने सभी का दिल छू लिया। शिविर में पहुंचे दो भाइयों ने अपनी दिवंगत मां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पैतृक संपत्ति का पूरा हिस्सा अपनी बहन के नाम करने का फैसला किया था। कैंप में मधुसूदन भाटी और उनके भाई ने नामांतरण के लिए आवेदन प्रस्तुत करते हुए यह साबित कर दिया कि रिश्तों की कीमत संपत्ति से कहीं अधिक होती है।

Published on:
02 Jul 2026 04:21 pm