
जोधपुर। राजस्थान में पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों से आ रहे दूषित जल को लेकर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि हमने पंजाब सरकार, राजस्थान सरकार, नमामि गंगे टीम साथ लेकर एक चर्चा की थी। इस संबंध में गठित संयुक्त टीम अगले सप्ताह तक रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर आगे का काम होगा।
शेखावत ने रविवार को यहां मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम भी अपनी रिपोर्ट बना रही है। साथ ही भाखडा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को अपशिष्ट जल का प्रबंधन करने की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सीवेज और औद्योगिक कचरा दोनों बहाकर नदी में डाले जाते हैं। इससे हरिके बैराज से राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में पीने और खेती-सिंचाई के लिए आने वाला पानी प्रदूषित होता है। यह मु²ा उठाए जाने पर पंजाब के मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से आकर कहा था कि आप इन फैक्ट्रियों को बंद न करें। हम इस मसले के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। इस बार 70 दिन का नहर क्लोजर था। इसी कारण सीवरेज का पानी एकत्रित हुआ, उसने और ज्यादा चुनौती पैदा की है।