
जोधपुर. चूल्हे-चौके के साथ घर संभालने वाली महिलाएं अब राजनीतिक गलियारों की कमान भी संभालने निकल पड़ी हैं। महिला आरक्षण 33 प्रतिशत सीटों पर लागू होता है और इस बार मैदान में जो महिलाएं हैं वह आरक्षित सीटों से कुछ ज्यादा हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश गृहणियां हैं। कुछ महिलाएं अपनी प्रोफेशन लाइफ को छोड़ राजनीति में आई है। लेकिन यह प्रतिशत काफी कम है।
नगर निगम उत्तर और दक्षिण के 160 वार्ड में 55 वार्ड आरक्षित हैं महिलाओं के लिए, इनमें कुल 220 महिलाएं चुनाव लड़ रही है। आरक्षित वार्ड के अलावा अन्य वार्ड से भी महिलाओं ने ताल ठोकी है। इस बार दोनों निगम में महापौर आरक्षण सामान्य महिला के नाम से है। इसीलिए महिलाओं की भागीदारी भी बड़ी दिखाई दे रही है। खास बात यह है कि अधिकांश महिलाएं प्रोफेशनल लाइफ से नहीं जुड़ी हैं। जितनी महिला प्रत्याशी मैदान में हैं उनमें से आधे से ज्यादा गृहणियां हैं।
फैक्ट फाइल
- 98 कुल महिला प्रत्याशी है उत्तर निगम में
- 65 गृहणियां हैं इनमें से
- 122 कुल महिला प्रत्याशी दक्षिण निगम में
- 72 गृहणियां हैं जो घर संभालती हैं
- 220 महिला प्रत्याशियों में से 137 गृहणियां
प्रोफेशनल महिलाओं का रुझान कम
जो महिलाएं किसी फील्ड में अपना नाम स्थापित करने निकल पड़ी हैं उनका राजनीति में रुझान कम है। जो 220 महिलाएं चुनावी मैदान में है उनमें से महज 10 से 15 प्रतिशत ही ऐसी है जिन्होंने अपनी उच्च पढ़ाई के बाद प्रोफेशनल करियर शुरू किया और राजनीति की ओर झुकी हैं।
आरक्षित और गैर आरक्षित वार्ड में महिला प्रत्याशी
- 86 महिला प्रत्याशी हैं उत्तर निगम के आरक्षित वार्ड में
- 108 महिला प्रत्याशी दक्षिण निगम आरक्षित वार्ड में
- 12 महिलाएं उत्तर निगम के गैर आरक्षित वार्ड में
- 14 महिलाएं दक्षिण निगम के गैर आरक्षित वार्ड में