जोधपुर

सिर्फ दिखावे के ट्रैफिक सिग्नल, रोज हो रहे हादसे

-सांगरिया बाइपास पर लगे ट्रैफिक सिग्नल्स को लगा अनदेखी का ग्रहण -जिम्मेदारों की अनदेखी का खामियाजा भुगत रहे वाहन चालक
2 min read
Just traffic signals of show, everyday rushing
सिर्फ दिखावे के ट्रैफिक सिग्नल, रोज हो रहे हादसे

जोधपुर. सांगरिया बाइपास चौराहे पर लगी ट्रैफिक सिग्नल लाइटें ढाई साल बाद भी शुरू नहीं हो पाई हंै। यहां लाइटें लगाने के बाद इन्हें एक बार भी शुरू नहीं किया गया, नतीजतन यहां आए दिन जाम लगने के साथ हादसे हो रहे हैं। बाइपास चौराहे पर लगी ट्रैफिक सिग्नल लाइटों की अनदेखी के कारण इन पर धूल की मोटी परत जमा हो गई है। जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण यहां पूर्व में लगाए गए टाइमर डिस्प्ले भी गायब हो चुके हैं।

अनदेखी की हद

इस चौराहे पर करीब ढाई साल पहले ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगाई गई थी। वाहन चालकों को यह उम्मीद जगी थी कि अब यातायात संबंधी अव्यवस्थाआें से उन्हें निजात मिलेगी, लेकिन हालात आज भी वैसे ही है। जयपुर-जैसलमेर राजमार्ग होने के कारण यहां रात-दिन वाहनों की आवाजाही रहती है। जोधपुर शहर से बासनी होते हुए सांगरिया, सालावास सहित लूणी क्षेत्र के गांवों में जाने का यहीं रास्ता होने के कारण यहां हर समय वाहनों की आवाजाही रहती है। शाम के समय बाइपास चौराहे पर हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि यहां से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं रहता है। यहां कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इससे कोई सरोकार नहीं है।

चालान का चाबुक

यातायात व्यवस्था संभालने के नाम पर शाम के समय यहां एकाध यातायात पुलिस के जवान प्रकट हो जाते हैं, लेकिन वे यहां यातायात व्यवस्था सुगम बनाने के बजाय राहगीरों को रोक-रोककर चालान काटने से बाज नहीं आते हैं। चालान कटने के डर से कई बार वाहन चालक अपने वाहन को तेज गति से गुजारने का प्रयास करते हैं। इस आपाधापी में कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी है।

सडक़ का भी बुरा हाल

बाइपास चौराहे पर डामर सडक़ का नामो निशान तक नहीं है। मार्ग पर करीब डेढ़ फीट तक गहरे गड्ढे हो चुके हैं, जिससे कई बार वाहन पलट भी जाते हैं। बड़े ट्रेलर के गुजरने के दौरान यहां कई बार घंटों तक यातायात बाधित हो जाता है। डामर सडक़ के अभाव में वाहन चालकों को दुविधा हो रही है। क्षेत्रवासी सुनील विश्नोई, कुसुम राजपुरोहित, शिवरी, बाया कंवर, रवि डावोला, आकाश मीणा, राजू विश्नोई आदि ने बताया कि बरसों पुरानी इस समस्या का समाधान न होने से यहां दिनभर धूल के गुबार उड़ते रहते हैं, जिससे लोग परेशान हैं।

पीडब्ल्यूडी को कई बार अवगत करवाया
ट्रैफिक सिग्नल को लगाने एवं ठीक करने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। सांगरिया बाइपास पर लम्बे समय से बंद पड़े यातायात सिग्नल को सुचारू करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत करवाया जा चुका है।

-निर्मला विश्नोई, एडीसीपी, यातायात

जल्द ही समाधान करवा देंगे

सांगरिया बाइपास पर कुछ समय पहले लाइटें दुरुस्त करवाई थी। वहां कोई केबल खराब है, इस वजह से समस्या आती है। जल्द ही इसका समाधान करवा देंगे।
एम एस देवड़ा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी (इलेक्ट्रिक विंग), जोधपुर

अधिकारियों को निर्देश देंगे

सांगरिया बाइपास चौराहे पर बंद ट्रैफिक सिग्नल के बारे में जानकारी मिली है। अधिकारियों को निर्देश देकर शीघ्र ही समस्या का समाधान करवाता हूं।
-महेन्द्र विश्नोई, विधायक, लूणी

Published on:
25 Jan 2019 01:24 am