
जोधपुर। 'पद्मावत' को लेकर राजपूत करणी सेना के मुख्य संरक्षक लोकेन्द्रसिंह कालवी ने कहा कि करणी सेना की ओर से अब भी विरोध जारी रहेगा और विरोध उसी तरह से होगा, जिस तरह से पहले था। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट इसी तरह का आदेश दे चुका है और सरकार को यह कह चुका है कि फिल्म को रिलीज करवाएं। उसके बावजूद भी जनता और थिएटर मालिकों के सहयोग से राजस्थान सहित पांच राज्यों में फि ल्म रिलीज नहीं हुई है।
नोट और वोट की चोट दी
कालवी ने कहा कि फिल्म को पूरी तरह से बैन करवा पाने में सफल नहीं रहे। इसके बावजूद नोट की चोट से फिल्म को आर्थिक नुकसान पहुंचाने में सफल हुए। उत्तर भारत के 5318 सिनेमाघरों में से केवल 68 में ही फिल्म का प्रदर्शन हो रहा है, जिससे फिल्म को करोड़ों का नुकसान तो हुआ ही है। इसके अलावा, राजस्थान में लोकसभा व विधानसभा उप चुनावों में भाजपा की हार पर कहा कि यह हमारे असंतोष का प्रकटीकरण है। भाजपा के विरोध में मत दिया है और आगे भी उसे हराएंगे।
प्रधानमंत्री से की अपील
उन्होंने कहा कि करणी सेना प्रधानमंत्री से अपील करती है कि वे सिनेमेटोग्राफी एक्ट 6 के सब डिवीजन 1 -2 के तहत अपने विशेषाधिकारों का उपयोग करते हुए फिल्म के प्रदर्शन पर पूरे देश में रोक लगाए।
डीडवाना में दायर एफआईआर निरस्त
राजस्थान हाईकोर्ट ने फिल्म पद्मावत के निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण व अभिनेता रणवीरसिंह की ओर से सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर विविध आपराधिक याचिका स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ डीडवाना में दायर एफआईआर निरस्त करने के आदेश दिए और कहा कि फिल्म को सेंसर बोर्ड का प्रमाण पत्र मिल चुका है तथा सुप्रीम कोर्ट ने भी देशभर में फिल्म प्रदर्शित करने के आदेश दिए हैं। इसलिए राजस्थान में भी फिल्म पद्मावत दिखाने वाले सिनेमाघरों, दर्शकों सहित निर्माता, निर्देशक व कलाकारों को सुरक्षा प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है।