
जेके भाटी/जोधपुर. नवंबर शुरू होते ही अमेरिका समेत अन्य पश्चिमी देशों में ‘नो शेव नवंबर’ की शुरूआत भी हो गई है। एक दशक बाद यह परम्परा भारत में भी शुरू हो गई है। जोधपुर भी इससे अछूता नहीं रहा। इसके बारे में जानने के लिए लोग बहुत उत्सुक है। ‘नो शेव नवंबर’ एक सोशल कैम्पन है, जिसके तहत लोग पूरे महीने अपनी दाढ़ी और मूंछ बढ़ाते हैं।
यह किसी फन या कॉम्पीटिशन के लिए नहीं, बल्कि कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए किया जाता है। अमेरिका स्थित मैथ्यू हिल फाउंडेशन का यह कॉन्सेप्ट है। यह संस्था कैंसर के प्रति जागरुकता बढ़ाने की दिशा में काम करती है। ‘नो शेव नवंबर’ भी इसी अभियान का हिस्सा है और 2009 से मनाया जा रहा है। इस अभियान का असर भले ही शहर के यंगस्टर्स पर ना हो लेकिन शौकिया तौर पर दाढ़ी और मूंछ रखकर पूरे महीने शेविंग नहीं करने को लेकर क्रेजी हैं।
बियर्ड वॉश
हेयर एक्सपर्ट अमन रावल के अनुसार नवंबर के साथ ही सर्दी की दस्तक शुरू हो गई है। ठंड में बालों के रूखे और बेजान होने की संभावना ज्यादा रहती है। इसलिए इनकी सफाई और कंडिशनिंग समय पर होनी चाहिए। दाढ़ी को धोने के लिए बालों के शैंपू का इस्तेमाल न करें क्योंकि चेहरे की त्वचा और सिर के स्कैल्प में फर्क होता है। इसके लिए अलग से बियर्ड शैंपू का उपयोग करें, जो त्वचा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।
कंडिशनर
बियर्ड मॉडल हिमांशु गुर्जर ने बताया कि शैंपू करने के तुरंत बाद कंघी करें फिर बियर्ड ऑयल से हल्की मसाज करें। हफ्ते में कम से कम एक बार इसका इस्तेमाल जरूर करें। इससे न सिर्फ दाढ़ी की मॉइस्चुराइजिंग होगी, बल्कि शाइनिंग भी बरकरार रहेगी। दाढ़ी को शेप देने के लिए बियर्ड बाम भी लगा सकते हैं।
ट्रिमिंग
बियर्ड मॉडल राहुल बोड़ा ने बताया कि ज्यादा लंबी दाढ़ी नहीं रखनी हो तो समय-समय पर ट्रिम करते रहें, जिससे दो मुंहे बाल नजर नही आएंगे। प्रोफेशनल टच के लिए सैलून में ट्रिमिंग करवानी चाहिए या फिर ट्रिमर से खुद भी कर सकते हैं।
कंघी
दाढ़ी को धोने के बाद कंघी जरूर करें, जिससे बाल स्ट्रेट रहेंगे और चेहरा भी साफ सुथरा दिखाई देगा। कंघी करने से दाढ़ी में मौजूद एक्सट्रा पानी निकल जाएगा। दाढ़ी को तौलिये से रगडऩे की बजाय सूती कपडे से चेहरे पर हल्की थपकी देकर सुखाने की कोशिश करें।