
भावी (जोधपुर). हजारों मील का सफर तय कर डेमोसाइल क्रेन कुरजां यहां पहुंच चुके हैं। इन दिनों बिलाड़ा तहसील के भावी के तालाब , ओलवी गांव के नीलकंठ महादेव सरोवर व आस- पास के खेतों में कुरजां के झुंड दिखाई दे रहे हैं।
ये पक्षी साइबेरिया से लेकर मारवाड़ तक का करीब छह हजार किलोमीटर लम्बा सफर तय कर हर साल यहां आते हैं। खास बात यह है कि ये पक्षी न तो अपनी राह भटकते हैं और न ही इनके पहुंचने का समय गड़बड़ाता है। कुदरत ने इन पक्षियों को कु छ विशेष क्षमता प्रदान की है।
इस क्षमता के बल पर कुरजां साइबेरिया के मौसम में शुरू होने वाले बदलाव को पहले से जान लेती है कि अब मौसम बदलने वाला है। बिना किसी जीपीएस की मदद से ये पक्षी करीब छह हजार किलोमीटर का सफर तय कर मारवाड़ पहुंचते हैं। ये पक्षी कहीं अठखेलियां तो कहीं धूप सेकते नजर आ रहे हैं। विदेशी पक्षियों के कारण जलाशय आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
उल्लेखनीय है फलोदी उपखण्ड के खीचन में इन साइबेरियन पक्षियों में भी बड़ी संख्या में डेरा डाल रखा है।