
खारिया मीठापुर (जोधपुर). पक्षियों के लिए इंसानों द्वारा बनाई गई सरहद मायने नहीं रखती । वो जब उड़ान भरते हैं तो अपनी मर्जी के मालिक होते हैं। दुनिया में जहां दिल करता है वहां उड़ते हैं और शांति का संदेश देते हैं। ऐसे ही हजारों मील का सफ र तय कर डेमोसाइल क्रेन कुरजां इस वर्ष भी मारवाड़ पहुंच चुकी हैं।
इन दिनों यह अपनी गूंज से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है। हजारों की संख्या में इन दिनों बिलाड़ा तहसील के ओलवी गांव के नीलकंठ महादेव सरोवर व आस- पास के खेतो में कुरजां के झुंड दिखाई दे रहे हैं।
ग्रामीण अमृतलाल राव ने बताया कि ओलवी में कुरजां के कलरव को देखने लोगों का तालाब किनारे आना- जाना लगा रहता है। लोग मनमोहक दृश्य देखने कई बार घंटों तक बैठे नजर आ रहे हैं। बिना जीपीएस की मदद से सफ र तय करती है कुरजां बिना किसी जीपीएस की मदद से ये पक्षी छह हजार किलोमीटर का सफ र तय कर मारवाड़ पहुंचते हैं। सर्दी के आगमन के साथ ही कुरजां के समूह वहां से उड़ान भरते हैं।