
वहीं दूसरी तरफ मौसम तंत्र में आए बदलाव के बाद फिजाओं में घुली हल्की ठंड ने इन पक्षियों को अनुकू ल वातारण दे दिया है। लिहाजा अब खीचन पक्षियों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। इन दिनों खीचन में करीब ३ हजार पक्षियों ने डेरा डाल दिया है। पक्षी प्रेमी सेवाराम माली ने बताया कि कुरजां के खीचन पहुंचने के करीब एक माह बाद अब गांव पक्षियों का कलरव गूंजने लगा है। इन दिनों करीब 3 हजार पक्षी चुग्गाघर में आ रहे है। साथ ही बड़ी संख्या में पक्षियों के यहां आने से इनकी दिनचर्या भी सामान्य हो गई है। सुबह पक्षी चुग्गाघर, दोपहर में तालाबों पर और शाम को ये पक्षी रात्रि विश्राम के लिए नमक उत्पादन क्षेत्र जाते है। हालांकि अभी पर्यटकों की आवक शुरू नहीं हुई है, लेकिन पक्षियों की संख्या में वृद्धि के साथ ही पर्यटक भी आने लगेंगे। (कासं)
पिछले वर्षों में 3 अक्टूबर को कुरजां की संख्या -
वर्ष कुरजां की संख्या
2019- 3000
2018 -3000
2017 -1000
2016 -400
2015 -500
2014 -3000