जोधपुर

बंजर भूमि से होगा बिजली का उत्पादन

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्कफलोदी. प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर पड़ी बंजर भूमि से अब बिजली का उत्पादन होगा। दरअसल राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा पीएम कुसुम योजना के तहत राजस्थान के वितरण निगमों से जुडऩे वाले किसानों की अनुपयोगी व बंजर भूमि पर ०.५ से २ मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयत्र लगाए जाएंगे। इसके लिए निगम ने इच्छुक आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए है।
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Dec 10, 2019
फलोदी. सोलर प्लांट
फलोदी. सोलर प्लांट


अनुपयोगी व बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा संयत्र स्थापित करने के लिए व्यक्तिगत किसान, किसानों के समूह, सहकारी समितियां, पंचायत, किसान उत्पादक संघ, जल उपभोक्ता संघ या कोई भी विकासर्ता आवेदन कर सकते है। साथ ही कोई मालिक किसान या अधिकृत व्यक्ति या विकासकर्ता के साथ भूमि का एग्रीमेंट किया हो, आवेदन कर सकता है। इस योजना में भूमि मालिक स्वयं की जमीन लीज पर देने या भूमि पर संयत्र लगाने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद भूमि लीज पर देने के लिए पंजीकृत लोगों से विकासकर्ता संपर्क करेगा।
सहायक अभियंता कार्यालय होगा आवेदन-
कुसुम योजना के आवेदन पत्र नजदीकी ३३/११ सब स्टेशन से संबंधित सहायक अभियंता कार्यालय में जमा करवाएंगे। इसके लिए आवेदन ३० नवम्बर से ३१ दिसम्बर तक जमा होंगे।
यह रहेगा आवेदन शुल्क-
आवेदन के लिए ५००० रुपए प्रति मेगावाट आवेदन शुल्क रहेगा तथा ०.५ मेगावॉट के लिए २५०० रुपए, १.५ मेगावाट के लिए ७५००, २ मेगावाट के लिए १०००० रुपए शुल्क रहेगा। इस शुल्क के साथ जीएसटी सहित राशि का डिमाण्ड ड्राफ्ट प्रबंध निदेशक राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के नाम से जमा होगा। स्वयं की अंशपूंजी से संयत्र लगाने वाले विकास आवेदक या विकासकर्ता को १ लाख रुपए प्रति मेगावाट की धरोहर राशि जमा करवानी होगी।
सब स्टेशन की क्षमता की सूची की जारी-
निगम ने प्रदेश के एैसे १हजार ६ सौ १२ सब स्टेशनों की सूची जारी की है। जहां अलग-अलग क्षमता के सौर ऊर्जा संयत्र लगाए जा सकते है। साथ ही जोधपुर जोधपुर डिस्कॉम के ५७ एैसे ३३/११ सब स्टेशनों की सूची है। जहां सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध है। (कासं)
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Published on:
10 Dec 2019 09:44 am