
जोधपुर।
केन्द्र सरकार की ओर से निर्यात को प्रोत्साहन करने के लिए मर्चेंडाइज्ड एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्कीम (एमईआइएस) को समाप्त कर इसके स्थान पर रोडटेप शुरू की गई। एमईआईएस योजना पिछले वर्ष 31 दिसंबर को खत्म हो चुकी है और निर्यातकों को इसकी प्रोत्साहन या अनुदान राशि मिलना शेष है। केन्द्र सरकार की ओर से इस स्कीम के अंतर्गत जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को 5 से 7 प्रतिशत ड्रॉ बैक प्रोत्साहन के रूप में दिया जा रहा था । इस स्कीम को बंद कर देने से जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों के इस स्कीम के तहत करीब 200 करोड की राशि अटकी पड़ी है। वहीं अब केन्द्र सरकार की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार निर्यातक अपनी राशि के भुगतान के लिए 31 दिसंबर 2021 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसके बाद आईटी मॉड्यूल रिमूव कर दिया जाएगा।
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स्कीम में 10 हजार वस्तुएं शामिल थी
एमईआइएस योजना 31 दिसंबर 2020 तक चली थी। इसमें विभिन्न हस्तशिल्प से जुड्ी करीब 10 हजार वस्तुएं शामिल की गई थी। इन वस्तुओं के निर्यात के बाद जब विदेश से भुगतान आ जाता था तो केन्द्र सरकार ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्ट के आधार पर निर्यातक को माल की कीमत के आधार पर प्रोत्साहन राशि देती थी।
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क्या थी एमईआईएस योजना
मर्चेंडाइज एक्सपोट्र्स फ्रॉम इंडिया स्कीम विदेशी व्यापार नीति 2015-20 के तहत 1 अप्रेल 2015 को शुरू की गई थी। 31 दिसंबर 2020 को यह स्कीम समाप्त कर दी गई। इस स्कीम के तहत जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को सरकार की ओर से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 3 से 7 प्रतिशत की छूट दी जाती है। इस योजना की जगह अब रेमिशन ऑफ ड्यूटीज एंड टैक्सेज ऑन एक्सपोर्ट प्रोडक्ट्स (रोडटेप) शुरू की गई है।
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राशि के भुगतान के लिए ऑनलाइन लाइसेंस आइसी ट्रांसफर बंद पड़ा है, इससे रिफण्ड में बहुत दिक्कतें आ रही है। जब तक यह चालू नहीं होगा, तब तक निर्यातकों को राशि नहीं मिलेगी। सरकार को इस तकनीकी समस्या का समाधान कर निर्यातकों की राशि भुगतान की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि कठिन दौर से गुजर रहे निर्यातकों को व्यवसाय में परेशानी नहीं आए।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीकाफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
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