
जोधपुर. पत्नी की बहन से अवैध संबंध के कारण सरकारी विद्यालय में कनिष्ठ लिपिक की हत्या के बाद आरोपी साढू ने वारदात में शामिल सहयोगी शिक्षक को पुलिस का डर दिखाकर बारह सौ रुपए देकर जयपुर भागने की नसीहत दी थी। लेकिन आरोपी शिक्षक मथुरादास माथुर अस्पताल में मरीजों के बीच छुपकर फरारी काटता रहा। लोहावट थाना पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी शिक्षक से पूछताछ में यह बात सामने आई। प्रकरण में मुख्य आरोपी व मास्टरमाइंड, मूलत: देचू थानान्तर्गत फतेहगढ़ हाल आसरलाई निवासी भगवान सिंह रिमाण्ड पर है। हत्या में सहयोगी शिक्षक देचू थानान्तर्गत चौरडिय़ा गांव निवासी जयराम मेघवाल को कोर्ट में पेश करने के बाद एक दिन के रिमाण्ड पर भेज दिया गया।
तीस हजार रुपए लूटने का बताकर किया था शामिल
थानाधिकारी हरिसिंह राजपुरोहित के अनुसार आरोपी भगवानसिंह ने पत्नी की बहन से अवैध संबंध में बाधक साढ़ू को हटाने के लिए हत्या की साजिश रची थी। उसने आसरलाई के पांच छात्र व शिक्षक जयराम को भी एक व्यक्ति से तीस हजार रुपए लूटने के बहाने साजिश में शामिल किया था। इन्होंने गत 27 नवम्बर को हत्या की तैयारी कर ली थी, लेकिन पीलवा निवासी सहदेवसिंह जालोड़ा में नहर पुलिया के पास नहीं पहुंचा था। गत दस दिसम्बर की दोपहर सहदेव की हत्या के बाद आरोपी भगवानसिंह ने जयराम को बारह सौ रुपए देते हुए कहा कि पुलिस पकड़ सकती है, इसलिए वो जयपुर भाग जाए। वह रुपए लेकर रवाना हो गया, लेकिन जयपुर की बजाय एमडीएम अस्पताल चला गया और मरीजों के बीच छुपा रहा। पकड़े जाने के डर से उसने अपना मोबाइल गंदे नाले में भी फेंक दिया था। वह गांव लौटा तो पकड़ में आ गया था।
आज फिर कोर्ट में होंगे पेश
मुख्य आरोपी की रिमाण्ड अवधि समाप्त होने पर भगवानसिंह को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जयराम को भी पुलिस मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेगी। वारदात में किसी अन्य के शामिल होने की जानकारी नहीं है। मृतक की पत्नी व मुख्य आरोपी की पत्नी की बहन जया जेल में है। जबकि पांचों छात्र बाल सुधार गृह भेजे जा चुके हैं।